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प्रो कबड्डी 2019: नीलामी में सबसे कम पैसे खर्च करने वाली 5 टीमें

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प्रो कबड्डी लीग के सातवें सीजन के लिए 8-9 अप्रैल को समाप्त हुई नीलामी में हर फ्रेंचाइजी ने बेस्ट टीम चुनने की कोशिश की थी। नीलामी में बढ़िया खिलाड़ी खरीदने के लिए आपको पैसे खर्च करने होते हैं, लेकिन हर फ्रेंचाइजी की रणनीति नीलामी में अलग होती है। कुछ फ्रेंचाइजियों ने नीलामी से पहले ही अपने बड़े खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया था तो वहीं कुछ ने बड़े खिलाड़ियों को रिटेन किया था।

नीलामी में जहां कुछ फ्रेंचाइजियों ने खूब पैसे खर्च किए और बडे़-बड़े खिलाड़ियों को खरीदा तो वहीं कुछ फ्रेंचाइजियों ने ज़्यादा पैसा खर्च नहीं करने का निर्णय लिया। एक नजर डालते हैं उन 5 टीमों पर जिन्होंने इस सीजन नीलामी में सबसे कम पैसे खर्च किए हैं।

#5 हरियाणा स्टीलर्स (261.25 लाख)

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पिछले सीजन की नीलामी के बाद मोनू गोयत चर्चा का विषय रहे थे क्योंकि हरियाणा स्टीलर्स ने उन्हें 1 करोड़ 51 लाख रूपए में खरीदकर न सिर्फ प्रो कबड्डी इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी बना दिया था बल्कि उन्हें भारत में क्रिकेटर्स को छोड़कर सबसे महंगा स्पोर्टपर्सन बना दिया था। हालांकि, इस सीजन हरियाणा ने मोनू को रिलीज करने का निर्णय लिया और उनकी जगह 77 लाख रूपए में प्रशांत कुमार राय को खरीदा।

पिछले सीजन यूपी योद्धा के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले राय इस सीजन और भी ज़्यादा दाम के हकदार थे, लेकिन इस दाम में भी वह हरियाणा के इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। धर्मराज चेरालाथन हरियाणा के डिफेंस की जिम्मेदारी संभालेंगे और 2016 में कबडड्डी वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे इस खिलाड़ी के लिए हरियाणा ने 38.5 लाख रूपए खर्च किए।

पिछले सीजन पटना पाइरेट्स का हिस्सा रहे विकास काले को हरियाणा ने 34.25 लाख रूपए तो वहीं नवीन को 33.5 लाख रूपए में खरीदा है। इस सीजन हरियाणा का प्रदर्शन देखना दिलचस्प रहेगा।

#4 गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स (240 लाख)

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पिछले दो सीजन से लगातार लीग के रनर-अप के तौर पर समाप्ति करने वाली गुजरात फॉर्च्यूजायंट्स इस सीजन भी ऐसी टीम के साथ उतरने की कोशिश करेंगी जो उन्हें टाइटल दिलाने की क्षमता रखती हो। गुजरात ने पिछले सीजन शानदार प्रदर्शन करने वाले डिफेंडर परवेश भैंसवाल को 75 लाख रूपए में रिसाइन किया है और वह इस सीजन टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं।

डिफेंडर ऋतुराज कोरावी को 30.5 लाख रूपए में वापस लाया गया है और इस सीजन भी वह टीम के डिफेंस की कमान संभालेंगे। रेडर जीबी मोरे को 21.25 लाख रूपए और ऑलराउंडर विनोद कुमार को 26 लाख रूपए में खरीदा गया है। ईरान के अबूफजल मघसूद्लू को 15.75 लाख रूपए में खरीदा गया है और वह टीम की रेडिंग में मदद करेंगे। कागजों में भले ही गुजरात की टीम बहुत खास नहीं दिख रही है, लेकिन इस सीजन भी वे कमाल कर सकते हैं।

#3 यू मुंबा (229 लाख)

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पिछले सीजन 395.3 लाख रूपए खर्च करने वाली यू मुंबा पिछले सीजन सबसे ज़्यादा खर्च करने वाली दूसरी टीम रही थी, लेकिन इस सीजन नीलामी में उनकी रणनीति काफी अलग रही। छठे सीजन के लिए मुंबा ने अपने स्टार डिफेंडर फजल अत्राचली के लिए 1 करोड़ के बैरियर को तोड़ दिया था और इस सीजन उन्होंने अत्राचली को रिटेन करने का निर्णय लिया था।

मुंबा का डिफेंस पहले से ही काफी मजबूत है, लेकिन उन्होंने संदीप नरवाल को 89 लाख रूपए में खरीदा है। कोरिया के रेडर डोंग ली को मुंबा ने 25 लाख रूपए में खरीदा है और वह रेडिंग में टीम की मदद करेंगे। इसके अलावा मुंबा ने तमिल थलाइवाज के रेडर अतुल एमएस को 20 लाख रूपए में खरीदा है जो रोहित बलयान का साथ देंगे। मुंबा के रेडर्स को अपना गेम उठाकर टीम की शानदार डिफेंस को सहयोग देना तभी टीम पिछले सीजनों की तरह इस सीजन में भी अपनी छाप छोड़ पाएगी।

#2 जयपुर पिंक पैंथर्स (178.50 लाख)

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जयपुर पिंक पैंथर्स ने इस सीजन के लिए खिलाड़ियों को रिटेन करने की रणनीति अपनाई और उन्होंने पिछले सीजन के स्टार परफॉर्मर दीपक निवास हूडा को रिटेन किया। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले दीपक जयपुर में संदीप कुमार के साथ रहेंगे। 53 लाख रूपए में खरीदे गए अमित हूडा इस सीजन जयपुर के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे।

पिछले सीजन पटना के साथ रहने वाले दीपक नरवाल को जयपुर ने 30.5 लाख रूपए में खरीदा और इस सीजन दीपक जयपुर के रेडिंग विभाग को अपनी सेवाएं देंगे। 20 लाख रूपए में वापस लाए जाने के बाद सुनील सिद्धगवाली एक बार फिर पैंथर्स के लिए रेड करेंगे। अभिषेक बच्चन की फ्रेंचाइजी ने यह साबित कर दिया कि वे अनुभवी और टेस्ट की गई जोड़ियों पर ही विश्वास करने वाले हैं। निलेश सालुंखे ने 23.5 लाख रूपए की कीमत में पैंथर्स को ज्वाइन किया है।

#1 बेंगलुरु बुल्स (157. 25 लाख)

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प्रो कबड्डी के डिफेंडिंग चैंपियन के पास उत्सुकता दिखाने का कोई कारण नहीं था और उन्होंने नीलामी में ऐसा ही किया। इस सीजन के लिए नेपाली टैलेंट को भी मौका दिया गया और बुल्स ने लालमोहन यादव और संजय श्रेष्ठ को 10-10 लाख रूपए में खरीदा। बुल्स ने कायदे से अपने खिलाड़ियों को रिटेन करके संकेत दे दिया था कि वे किसी भी तरह से अपनी टीम को नई बनाने की मंशा नहीं रख रहे हैं।

सवाल केवल यह था कि क्या बुल्स नीलामी में कोई आक्रमक बिड करेंगे या नहीं। अंत में बुल्स ने फाइनल बिड मैच कार्ड का इस्तेमाल किया और 80 लाख रूपए में महेंदर सिंह को खरीदा। अमित शेरॉन को रिटेन किया गया था और वह महेंदर के साथ डिफेंस की अगुवाई करेंगे तो वहीं बुल्स ने विजय कुमार को भी 21.25 लाख रूपए में खरीदा है। रोहित कुमार और पवन सहरावत अपने पिछले सीजन के प्रदर्शन को एक बार फिर से दोहराना चाहेंगे।

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Edited by निशांत द्रविड़
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