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10 बातें भारत की नई सनसनी नीरज चोपड़ा के बारे में आप जरुर जानना चाहेंगे

ANALYST
Modified 11 Oct 2018, 13:38 IST
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भारत के जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंक) नीरज चोपड़ा ने पोलैंड में बिडगोस में आईएएएफ वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। हरियाणा के चोपड़ा ने अंडर-20 में नया 86.48 मीटर का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2011 में लातविया के ज़िगिस्मुन्ड्स सिर्मैस के नाम था जिन्होंने 84.69 मीटर दूर भाला फेंका था। इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बावजूद चोपड़ा रिओ ओलंपिक्स का का टिकट हासिल नहीं कर सके। दक्षिण अफ्रीका के जोहन ग्रोब्लेर (80.59) ने रजत जबकि ग्रानाडा के एंडरसन पीटर्स (79.65) ने कांस्य पदक जीता। नई सनसनी भारतीय एथलीट के बारे में 10 रोचक बातें पढ़िए : 1) नीरज चोपड़ा का जन्म खांड्रा में 24 दिसंबर 1997 में हुआ। हरियाणा के पानीपत जिला का यह छोटा सा गांव है। 2) उनके सभी पड़ोसी वॉलीबॉल खेलने में रूचि रखते थे और नीरज भी उनसे अलग नहीं थे। शुरुआत में चोपड़ा का पहला प्यार वॉलीबॉल था। 3) 18 वर्षीय नीरज ने इस वर्ष की शुरुआत में गुवाहाटी में दक्षिण एशियाई खेल (सेग) में स्वर्ण पदज जीता था। नीरज ने 82.23 मीटर भाला फेंककर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया था। 4) चोपड़ा की पहली यादगार जीत 2012 में लखनऊ में नेशनल जूनियर चैंपियनशिप में आई थी। उस टूर्नामेंट में चोपड़ा ने अंडर-16 स्पर्धा में 68.46 मीटर भाला फेंककर राष्ट्रीय उम्र-समूह रिकॉर्ड बनाया था। 5) 2013 नेशनल यूथ चैंपियनशिप में नीरज ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दूसरा स्थान हासिल करते हुए उस वर्ष यूक्रेन में होने वाली आईएएएफ वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में जगह पक्की की। 6) 2012 ओलंपिक्स में जेवलिन स्पर्धा के स्वर्ण पदकधारी थे त्रिनिदाद एंड टोबागो के केशोर्ण वालकोट। गेम्स के दौरान उन्होंने 84.58 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था, जो नीरज के रिकॉर्ड से 1।9 मीटर कम है। 7) 18 वर्षीय नीरज को जेएसडब्लू स्पोंसर करता है। स्पोर्ट्स एक्सीलेंस प्रोग्राम के तहत नीरज को पिछले दो महीने से ऑस्ट्रेलियाई कोच गर्री कालवेर्ट से पोलैंड के स्पला में ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग दी जा रही है। 8) जालंधर के डीएवी कॉलेज के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट नीरज सैफ गेम में रजत पदक जीतने के बाद रिओ ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से 77 सेंटीमीटर से चूक गए। पुरुषों के लिए जैवलिन स्पर्धा में क्वालीफाई करने का मार्क 83 मीटर रखा गया था। मगर चोपड़ा का भाला 82.23 मीटर दूर तक जा सका। 9) नीरज अभ्यास के लिए कई बार कॉलेज नहीं जाते थे। उन्होंने कहा, 'मैं दो बार अभ्यास के लिए जाता था इसलिए कॉलेज नहीं जाता था। मेरे कॉलेज और ट्रेनिंग सेंटर के बीच का फासला दो से तीन घंटे का था, इसलिए कॉलेज नहीं जाता था। 10) चोपड़ा की मां गृह्स्त्री हैं जबकि पिता किसान हैं। अपने परिवार के बारे में बात करते हुए उन्होंने एक बार कहा था, 'मेरी मां घरेलू स्त्री है जबकि पिता किसान हैं। मेरी दो बहने खेल में कोई रूचि नहीं दिखाती।' Published 24 Jul 2016, 20:05 IST
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