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CWG 2022 : जूडो, जिमनास्टिक और तैराकी में भारत  को पहले गोल्ड की तलाश

भारत को जिमनास्टिक्स में कॉमनवेल्थ खेलों मे 1 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मिले हैं।
भारत को जिमनास्टिक्स में कॉमनवेल्थ खेलों मे 1 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मिले हैं।
Hemlata Pandey

कॉमनवेल्थ खेलों में भारत की ओर से इस बार 215 खिलाड़ी 16 इवेंट्स में भाग ले रहे हैं। इनमें से 3 इवेंट ऐसे हैं जिनमें भारत ने मेडल तो जीता है लेकिन गोल्ड अभी तक उसके हाथ नहीं आ पाया है। ये ईवेंट हैं जूडो, तैराकी और जिमनास्टिक के।

जूडो

जूडो में इस बार कुल 6 खिलाड़ी भारत की ओर से भाग ले रहे हैं। पुरुषों में - विजय यादव (60 किलोग्राम), जसलीन सैनी (66 किलोग्राम), दीपक देसवाल (100 किलोग्राम) और महिलाओं में - सुशीला एल (48 किलोग्राम), सुचिका तरियाल (57 किलोग्राम), तुलिका मान (78+ किलोग्राम) अपना दम दिखाएंगे। सुशीला ने 2014 के ग्लासगो खेलों में जूडो का सिल्वर मेडल 48 किलोग्राम की ही वेट कैटेगरी में जीता था।

सुशीला ने 2014 खेलों में जूडो में सिल्वर मेडल जीता था।
सुशीला ने 2014 खेलों में जूडो में सिल्वर मेडल जीता था।

जूडो में देश के पास आज तक कॉमनवेल्थ गेम्स में 3 सिल्वर 5 ब्रॉन्ज के साथ ही कुल 8 पदक आए हैं। जूडो को पहली बार साल 1990 में आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल किया गया और तब से आज तक कुल तीन बार 1990, 2002, 2014 में इन्हें कॉमनवेल्थ खेलों में रखा गया।अब जूडो का खेल बर्मिंघम खेलों में भी वापसी कर रहा है। साल 1990 में नरेंद्र सिंह ने एक्स्ट्रा लाइटवेट कैटेगरी का ब्रॉन्ज जीता जबकि राजेंद्र ढांगर ने मिडिलवेट का ब्रॉन्ज जीतने में कामयाबी हासिल की। 2002 के खेलों में अकरम शाह जूडो का सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बने।

जिमनास्टिक्स

आशीष कुमार (दाएं) अपने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के ब्रॉन्ज मेडल के साथ।
आशीष कुमार (दाएं) अपने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के ब्रॉन्ज मेडल के साथ।

भारत की ओर से आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स में पुरुष और महिला टीम स्पर्धा के साथ ही एकल मुकाबलों के क्वालिफिकेशन में कुल 6 जिमनास्ट उतरेंगे। पुरुषों में योगेश्वर सिंह, सत्यजीत मोन्डल और सैफ ताम्बोली खेलेंगे। योगेश्वर सिंह पिछले कॉमनवेल्थ खेलों में भी टीम का हिस्सा थे। वहीं महिलाओं में प्रणति नायक, प्रतिष्ठआ सामंत,रितुजा नटराज उतरेंगी। प्रणति भी पिछले कॉमनवेल्थ खेलों में भाग ले चुकी हैं और टोक्यो ओलंपिक में भी भारत की ओर से गईं थीं। रिदमिक जिमनास्टिक्स के क्वालिफिकेशन में बलवीन कौर भाग ले रही हैं।

प्रणति ओलंपिक में भारत की ओर से क्वालीफाई करने वाली दूसरी जिमनास्ट हैं।
प्रणति ओलंपिक में भारत की ओर से क्वालीफाई करने वाली दूसरी जिमनास्ट हैं।

जिमनास्टिक्स में भारत ने कॉमनवेल्थ खेलों के अंदर आज तक कुल 3 पदक जीते हैं। आशीष कुमार इस खेल में देश को पदक दिलाने वाले पहले जिमनास्ट हैं। 2010 के दिल्ली खेलों में आशीष ने पुरुषों की फ्लोर एक्सरसाइज का ब्रॉन्ज जीता और इसके बाद वॉल्ट में सिल्वर जीतने में कामयाब हुए थे। 2014 ग्लासगो खेलों में ओलंपियन दीपा करमाकर ने महिला जिमनास्टिक्स में वॉल्ट का ब्रॉन्ज जीता था।

तैराकी

तैराकी में इस बार 3 पैरा तैराकों के साथ कुल 7 खिलाड़ी भारत की ओर से भाग ले रहे हैं। साजन प्रकाश 50 मीटर , 100 मीटर और 200 मीटर के बटरफ्लाई ईवेंट का हिस्सा होंगे। श्रीहरि नटराज बैकस्ट्रोक में 50, 100 और 200 मीटर की स्पर्धा में भाग लेंगे। अद्वैत पेज 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में और कुशाग्र रावत 200, 400 और 1500 मीटर की फ्रीस्टाइल तैराकी स्पर्धा में देश की ओर से खेलेंगे। पैरा तैराकों में सुयश जाधव, निरंजन मुकुंदन, आशीष कुमार भाग ले रहे हैं।

भारत को कॉमनवेल्थ खेलों के इतिहास में तैराकी में सिर्फ एक पदक मिला है और वो पदक पैरा तैराकी के पुरुष 50 मीटर फ्रीस्टाइल इवेंट में 2010 दिल्ली खेलों में प्रशांत करमाकर ने जीता था।


Edited by Prashant Kumar

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