अपने भारतीय ओलंपियन को जानें :योगेश्वर दत्त (रेसलिंग)

कजाखस्तान के अस्ताना में हुए एशियाई क्वालीफ़ायर्स में योगेश्वर दत्त ने रियो ओलंपिक्स 2016 के लिए 65 किलो फ्री स्टाइल कैटेगिरी में जगह बना ली है। रियो में 6 अगस्त से होनेवाले ईवेंट में हमे योगेश्वर दत्त से पदक की उम्मीदें हैं। 33 वर्षीय योगेश्वर दत्त ने 2012 में हुए लंदन ओलंपिक्स में कांस्य पदक हासिल किया था। ये रही योगेश्वर दत्त से जुडी कुछ खास बातें:

  1. योगेश्वर दत्त का जन्म 2 नवंबर 1982 को हरियाणा सोनीपत जिले के गोहाना में हुआ।
  2. उन्होंने 8 साल की में रैस्लिंग करनी शुरू कर दी। उनके गांव के बलराज पहलवान को देखकर उन्होंने रैस्लिंग करनी शुरू की।
  3. 2012 में भारतीय सरकार ने उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा।
  4. 2006 में दोहा में होनेवाले एशियाई खेलों के नौ दिन पहले ही योगेश्वर दत्त ने अपने पिता को खोया और उनके घुटने में चोट लगी थी। मानसिक और शारीरिक चोट के बावजूद उन्होंने 60 किलो वर्ग में भारत की ओर से खेला और कांस्य पदक हासिल किया।
  5. साल 2004 में उन्होंने पहली बार भारत की ओर से एथेंस ओलंपिक्स में हिस्सा लिया और 18 वें स्थान पर रहे।
  6. साल 2008 में दक्षिण कोरिया में हुए एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर बीजिंग ओलंपिक्स 2008 के लिए क्वालीफाई किया। वहां पर उन्हें 9 वां स्थान हासिल हुआ।
  7. 2010 के दिल्ली कामनवेल्थ खेलों में उन्होंने 60 किलो फ्री स्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इसके लिए उन्होंने फरजाद तराश, मेरियस रूट्स और साशा मद्यर्चयक को मात दी।
  8. 2012 में लंदन ओलंपिक्स में कांस्य पदक जीतकर वें के.डी जाधव 1952, सुशिल कुमार 2008 और 2012 के बाद रैस्लिंग में पदक जीतनेवाले तीसरे खिलाडी बने। कांस्य पदक के मुकाबले के लिए उन्होंने उत्तर कोरिया के री जोंग मियोंग को हराया।
  9. 2014 में ग्लासगो के कामनवेल्थ खेलों में उन्होंने 65 किलो रैस्लिंग वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल क़िया। उन्होंने फाइनल में कनाडा के जेवोन बाल्फोर को 10-0 से हराया था।
  10. ये योगेश्वर का आखरी ओलिंपिक होगा क्योंकि उसके बाद उन्होंने ओलिंपिक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। यहाँ पर वे स्वर्ण पदक की जीत के साथ अपना करियर खत्म करना चाहेंगे।
लेखक: तेजस, अनुवादक: सूर्यकांत त्रिपाठी
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