अपने भारतीय ओलम्पियन के बारे में दस बात जानें: दीपिका कुमारी (तीरंदाज़)

दीपिका कुमारी जमशेदपुर के टाटा अकादमी की तीरंदाज़ हैं। जिन्होंने शंघाई में 2016 के आर्चरी वर्ल्डकप में महिला इवेंट वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करली है। अर्जुन अवार्ड विनर इस भारतीय तीर अंदाज़ ने कमाल का प्रदर्शन किया है। शंघाई 2016 आर्चरी वर्ल्डकप में रांची की इस खिलाड़ी ने क्वालिफाईंग स्टेज में पहले स्थान पर अपना सफर खत्म किया था। उनके बाद दूसरे स्थान पर साउथ कोरिया की जो एरम 676 पॉइंट के साथ रही तो तीसरे स्थान पर 672 पॉइंट के साथ जर्मनी की लीज़ा उनरुह रही। यहां इस 21 वर्षीय खिलाड़ी के बारे में दस बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए: #1 पूर्व वर्ल्ड नंबर-1, दीपिका कुमारी वर्ल्ड आर्चरी रैंकिंग में अभी सातवें स्थान पर हैं। #2 दीपिका का जन्म 13 जून 1994 में शिवनाथ महतो के घर हुआ था, जो कि एक ऑटो रिक्शा चालक थे और उनकी पत्नी रांची मेडिकल कॉलेज में एक नर्स थीं। #3 21 वर्षीय इस खिलाड़ी को अपना पहला मौका 2005 में मिला था जब उन्होंने खुद को अर्जुन आर्चरी अकादमी से खुद को जोड़ा, जिसकी शुरुआत मीरा मुंडा ने की थी। (झारखंड के मुख्य मंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी) #4 दीपिका ने अपना प्रोफेशनल करियर साल 2006 में शुरू किया था। जिसकी शुरुआत उन्होंने टाटा आर्चरी अकादमी जमशेदपुर से की। #5 21 वर्षीय दीपिका साल 2009 में कैडेट वर्ल्ड आर्चरी चैम्पियनशिप खिताब को जीतने वाली दूसरी भारतीय बनी। उनसे पहले ये कारनामा पलटन हंसदा ने साल 2006 में मेक्सिको में किया था। #6 जब वह 15 साल की थी तब 2009 में उन्होंने 11वीं यूथ वर्ल्ड आर्चरी चैम्पियनशिप अपने नाम की थी जो औग्डेन शहर अमेरिका में हुई थी। #7 दीपिका ने 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीते हैं जो दिल्ली में हुआ था। #8 साल 2010 में सहारा स्पोर्ट्स पुरुस्कार की तरफ से दीपिका को कॉमन वेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करने का पुरुस्कार भी मिला था। #9 उन्होंने अपना पहला आर्चरी वर्ल्ड कप व्यक्तिगत रिकर्व तुर्की में साल 2012 में जीता था। #10 दीपिका को साल 2012 में ही अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। भारतीय सरकार ने भी दीपिका को साल 2016 में पद्मश्री अवार्ड से भी सम्मानित किया था।

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