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टोक्‍यो में भारत की मिश्रित आर्चरी टीम से मेडल की उम्‍मीद: धर्मेंद्र तिवारी

धर्मेंद्र तिवारी
धर्मेंद्र तिवारी
Vivek Goel
SENIOR ANALYST
Modified 29 Dec 2020, 00:00 IST
फ़ीचर
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द्रोणाचार्य अवॉर्ड विजेता आर्चरी कोच धर्मेंद्र तिवारी का मानना है कि टोक्‍यो ओलंपिक्‍स आर्चरी प्रोग्राम में मिश्रित टीम इवेंट के शामिल होने से भारत के पास पहली बार मेडल जीतने का मौका बना है। मिश्रित टीम आर्चरी इवेंट में पुरुष और महिला प्रतिभागी हिस्‍सा लेंगे, जो टोक्‍यो में ओलंपिक गेम्‍स में डेब्‍यू करेगा। इसमें पुरुष और महिला व्‍यक्तिगत व टीम इवेंट्स देखने को मिलेंगे।

धर्मेंद्र तिवारी ने टेलीग्राफ से बातचीत में कहा, 'यह अच्‍छा है कि अगले साल टोक्‍यो में ओलंपिक्‍स में मिश्रित टीम इवेंट को शामिल किया गया है। भारतीय मिश्रित टीमों ने विश्‍व कप में एक से ज्‍यादा बार मेडल जीते हैं और मुझे उम्‍मीद है कि वह इसी तरह का प्रदर्शन ओलंपिक्‍स में भी करेंगे।' धर्मेंद्र तिवारी ने 2016 रियो ओलंपिक्‍स में भारतीय पुरुष आर्चरी टीम की कोचिंग की थी और वह अपने सक्रिय समय में दिग्‍गज भारतीय आर्चर्स दीपिका कुमारी व अतनु दास के मेंटर की भूमिका भी निभा चुके हैं।

धर्मेंद्र तिवारी के दोनों सितारों ने हाल ही में शादी की थी और दोनों ने टोक्‍यो गेम्‍स के लिए कोटा हासिल किया है। उम्‍मीद है कि मिक्‍स्‍ड टीम इवेंट में भारत के शीर्ष पुरुष और महिला आर्चर्स के रूप में यह मिश्रित टीम बनकर दावेदारी पेश करेंगे। जमशेदपुर आधारित एलीट टाटा आर्चरी एकेडमी में हेड कोच धर्मेंद्र तिवारी ने भारतीय आर्चर्स को दर्शकों की मौजूदगी में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन का महत्‍व बताया। धर्मेंद्र तिवारी ने कहा, 'अंतरराष्‍ट्रीय प्रतियोगिताओं में शूटिंग रेंज में दर्शक दोनों साइड की गैलरी भर देते हैं, जिसमें ओलंपिक्‍स भी शामिल है। हमारे आर्चर्स को कभी बड़ी संख्‍या में दर्शकों की मौजूदगी में खेलने की आदत नहीं है।'

धर्मेंद्र तिवारी को आर्चर्स से मेडल जीतने का भरोसा

धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि मनोवैज्ञानिक के होने से भारतीय आर्चर्स को मानसिक रूप से तैयारी करने में मदद मिलेगी। धर्मेंद्र तिवारी ने कहा, 'मनोवैज्ञानिक को खेल का थोड़ा ज्ञान होना चाहिए और उन्‍हें आर्चर्स को समझने की जरूरत है। उन्‍हें यह समझना होगा कि आर्चर पर कितना दबाव होता है और उसे शांत कैसे कराना है। कोरिया और अमेरिका जैसे देशों में सपोर्ट स्‍टाफ के रूप में मनोवैज्ञानिक साथ होते हैं।' 46 साल के धर्मेंद्र तिवारी को उम्‍मीद है कि मिश्रित टीम इवेंट्स में मेडल की उम्‍मीद है, लेकिन उन्‍होंने ध्‍यान दिया कि आर्चर्स के फॉर्म पर निर्भर करेगा कि व्‍यक्तिगत स्‍पर्धा में इवेंट जीतेंगे या नहीं।

भारत ने टोक्‍यो में अब तक चार कोटा सुरक्षित कर लिए हैं। पुरुषों की जगह में पूरा कोटा सुरक्षित हो गया है। वहीं दीपिका कुमारी एकमात्र महिला है, जिन्‍होंने पिछले साल बैंकॉक में एशियाई कॉन्टिनेंटल क्‍वालीफिकेशन टूर्नामेंट में गोल्‍ड जीतकर कोटा हासिल किया। अब पेरिस में 18 जून से 21 जून तक फाइनल ओलंपिक्‍स क्‍वालीफिकेशन इवेंट में ज्‍यादा महिला कोटा सुरक्षित किए जा सकते हैं।

Published 28 Dec 2020, 23:59 IST
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