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ओलंपियन मौमा दास और पीटी ऊषा के कोच ओम नांबियार समेत खेल से जुड़ी 7 शख़्सियत जिन्हें पद्मश्री से नवाज़ा गया

सुघा सिंह (Sudha Singh)
सुघा सिंह (Sudha Singh)
Irshad
ANALYST
Modified 26 Jan 2021
फ़ीचर

सात भारतीय खेल शख़्सियतों जिनमें ओलंपियन मौमा दास (Mouma Das), सुधा सिंह (Sudha Singh) और दिग्गज एथलीट पीटी ऊषा (PT Usha) के कोच ओम नांबियार (OM Nambiar) को 2021 के पद्मश्री अवॉर्ड (Padma Shree Award) से सम्मानित किया गया।

भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण के बाद पद्मश्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। कुल 119 पद्म अवॉर्ड विजेताओं के नाम की सूची का ख़ुलासा भारत के 72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया।

टेबल टेनिस खिलाड़ी मौमा दास, लॉन्ग डिस्टेंस रनर सुधा सिंह, एथलेटिक्स कोच ओम नांबियार, पूर्व भारतीय बास्केटबॉल टीम की कप्तान पी अनिता (P Anitha), पैरा एथलीट केवाई वेंकटेश (KY Venkatesh), पहलवान वीरेन्दर सिंह (Virender Singh) और पर्वतरोही अंशु जमसेन्पा (Anshu Jamsenpa) को खेल कैटेगरी में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मौमा दास, पद्मश्री 2021

दिग्गज पैडलर मौमा दास ने भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स और साउथ एशियन गेम्स में कई पदक जीते हैं। 2013 में अर्जुन अवॉर्ड से नवाज़ी जा चुकी मौमा दास ने एथेंस 2004 और रियो 2016 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

इस अवॉर्ड से सम्मानित 36 वर्षीय मौमा दास ने पीटीआई से कहा, “मैं दिसंबर 2019 में मां गई थी और फिर उसके बाद कोविड महामारी की वजह से मुझे खेलने का मौक़ा नहीं मिला। लेकिन अब इस अवॉर्ड को पाकर मेरी वापसी की भूख और बढ़ गई है और मुझे देश का नाम रोशन करने का हौसला मिला है।“

सुधा सिंह, पद्मश्री 2021

मौमा की ही तरह 3000 मीटर स्टीपलचेज़ स्पेशलिस्ट सुधा सिंह ने भी दो बार ओलंपिक में देशा का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने लंदन 2012 और रियो 2016 में शिरकत की थी।

सुधा 3000 मीटर वुमेंस स्टीपलचेज़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं, साथ ही साथ उन्होंने चीन के गुआंगज़ो में आयोजित 2010 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक भी जीता था। साथ ही साथ 2017 में भुवनेश्वर में हुए एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी सुधा पोडियम पर सबसे ऊपर खड़ीं थीँ।

ओम नांबियार, पद्मश्री 2021

तो वहीं एथलेटिक्स कोच ओम नांबियार भारतीय एथलेटिक्स में एक बड़ा नाम हैं और उन्होंने पीटी ऊषा के करियर को संवारने में अहम योगदान दिया था।

पीटी ऊषा के बेहतरीन करियर के दौरान उनके कोच नांबियार ही थे और उन्होंने ही इस भारतीय गोल्डेन गर्ल को रोम 1984 ओलंपिक से पहले 400 मीटर हर्डल्स पर ध्यान केंद्रित करने को कहा था। जहां पीटी ऊषा ने कांस्य पदक सेकंड के सौवें हिस्से के फ़ासले से चूक गईं थीं।

इससे पहले 1985 में नांबियार को द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है, जो कोचिंग के क्षेत्र में देश का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है।

पी अनिता, पद्मश्री 2021

पद्मश्री से सम्मानित भारतीय बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान पी अनिता ने 2000 से 2017 तक देश का प्रतिनिधित्व किया और इस दौरान कई सालों तक वह टीम की कप्तान भी रहीं। तमिलनाडु में जन्मीं पी अनिता देश की पहली और इकलौती महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार 9 एशियन बास्केटबॉल कन्फ़ेड्रेशन चैंपियनशिप (ABC) में शिरकत की।

वीरेन्दर सिंह, पद्मश्री 2021

रेसलर वीरेन्दर सिंह को भी पद्मश्री से नवाज़ा गया, उन्होंने कोलंबिया के काली में आयोजित 1992 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में देश के लिए कांस्य पदक जीता था। इसके बाद 1995 में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भी वीरेन्दर ने रजत पदक हासिल किया था।

केवाई वेंकटेश, पद्मश्री 2021

इस फ़ेहरिस्त में अगला नाम है बेंगलुरु के पैरा एथलीट केवाई वेंकटेश का, जिन्होंने 2005 में हुए चौथे वर्ल्ड ड्वार्फ़ गेम्स में एथलेटिक्स और बैडमिंटन में 6 पदक हासिल किए थे। जो उस संस्करण में एक रिकॉर्ड था। वेंकटेश ने 1994 में जर्मनी के बर्लिन में आयोजित पहले अंतर्राष्ट्रीय पैरालिंपिक कमेटी (IPC) के एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

अंशु जमसेन्पा, पद्मश्री 2021

2021 पद्मश्री अवॉर्ड की सूची में पर्वतरोही अंशु जमसेन्पा का नाम भी शामिल है, दो बच्चों की मां होते हुए माउंट एवेरेस्ट की चोटी पर एक सीज़न में दो बार चढ़ने वाली वह दुनिया की पहली महिला हैं। इतना ही नहीं महज़ पांच दिनों के अंदर दो बार इस कारनामे को अंजाम देने वाली वह सबसे तेज़ पर्वतरोही हैं।

हालांकि इस साल किसी भी खेल से जुड़ी शख़्सियत को पद्मविभूषण या पद्मभूषण से सम्नानित नहीं किया गया। पिछले साल मुक्केबाज़ी दिग्गज एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) को पद्मविभूषण और भारतीय महिला शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) को पद्मभूषण से नवाज़ा गया था।

इस साल के सभी पद्मश्री विजेताओं को भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में मार्च या अप्रैल में आधिकारिक तौर पर सम्मानित किया जाएगा।

Published 26 Jan 2021
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