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Rio Olympics 2016: महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल इवेंट के बारे में आप जो भी जानना चाहे

Modified 11 Oct 2018, 13:41 IST
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महिलाओं का 25 मीटर पिस्टल इवेंट अपने अलग तरह का होता है। पुरुषों के बराबर तो नहीं, लेकिन महिलाओं का इवेंट थोड़ा अलग तरह का होता है। यह इवेंट ओलंपिक के चौथे दिन यानी 9 अगस्त 2016 को होगा। रियो ओलंपिक में यह इवेंट पुरुषों के एयर राइफल और पिस्टल इवेंट के बीच रखा गया है। हीना सिद्धू एकमात्र भारतीय निशानेबाज हैं जो रियो ओलंपिक के इस इवेंट में भाग लेंगी। उनसे पूरे देश को पदक की उम्मीद है। सिद्धू दुनिया की नंबर एक निशानेबाज़ हैं और उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। इसके अलावा वह 10 मीटर एयर पिस्टल में भी उतरेंगी। 26 साल की हीना का प्रदर्शन साल 2014 में हुए इंचियोन एशियाई खेलों में अच्छा रहा, जहां उन्हें कांस्य पदक मिला था। सिद्धू ने अपने ट्रिगर की कमजोरी को दूर करने के लिए काफी ट्रेनिंग हासिल की है। महिला निशानेबाज से पूरे देश को इस बड़े स्तर पर पदक की उम्मीद है। 25 मीटर पिस्टल इवेंट क्या है? ये इवेंट उतना ड्रामेटिक नहीं है जितना लोग सोचते हैं। इसमें एक्यूरेसी और स्पीड का बड़ा महत्त्व है, जिसमें कई बार 'लकी हिट' का सहारा भी मिल जाता है। इन्हीं सबकी इस इवेंट में परीक्षा होती है। पिस्टल का अधिकतम भार 1.4 किग्रा होना चाहिए। टारगेट की दूरी 1.4 मीटर की ऊंचाई से 25 मीटर होती है। क्वालिफिकेशन राउंड सभी एथलीटों को इस इवेंट में 60 शॉट मिलते हैं। जो 30 स्टेज और 30 रैपिड फायर में बंटे होते हैं। 5 मिनट में छह सेट के 5 शॉट में बांट दिए जाते हैं। रैपिड फायर में हरी बत्ती को 3 सेकंड के लिए जलाया जाता है। जो हर एथलीट के लिए होता है। 7 सेकंड के ब्रेक के दौरान रेड लाइट जला दी जाती है। सभी शॉट पर 10 अंक मिलते हैं और 600 से अधिक अंक नहीं होते हैं। सेमीफाइनल राउंड शीर्ष 8 एथलीट इस राउंड में होते हैं और उन्हें 5 सीरीज में 50 शॉट लगाने होते हैं। इसमें स्कोरिंग सिस्टम थोड़ा बदल जाता है। इसमें हिट और मिस ग्रेडिंग होती है। जो 10.2 पर हिट और 10.1 पर मिस मानी जाती है। मेडल के लिए भिड़ंत शीर्ष 2 निशानेबाजों में स्वर्ण पदक और रजत पदक के लिए मुकाबला होता है। वहीं तीसरे और चौथे पोजीशन वाले खिलाड़ियों के बीच कांस्य के लिए मुकाबला होता है। टाई होने के स्थिति में अतिरिक्त 5 शॉट की सीरीज का इस्तेमाल होता है। सभी सीरीज में 5 शॉट होते हैं। जो एथलीट इस दौरान सबसे ज्यादा 2 और सबसे कम 0 अंक हासिल करते हैं। ड्रॉ होने पर एक मौका दोनों को फिर मिलता है। एक एथलीट को तभी विजेता घोषित किया जा सकता है। जब उन्हें 7 अंक मिलता है। इस इवेंट भाग लेने वाली भारतीय
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हीना सिद्धू लंदन 2012 रिजल्ट स्वर्ण पदक: जनग्मी किम (कोरिया) रजत पदक: यिंग चेन (चीन) कांस्य पदक: ओलेना कोस्तेव्य्च (युक्रेन) Published 01 Aug 2016, 15:47 IST
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