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Tokyo Olympics - पदक की दहलीज पर भारत की अदिति अशोक

अदिति एकल स्ट्रोक प्ले के दूसरे राउंड के बाद संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं
अदिति एकल स्ट्रोक प्ले के दूसरे राउंड के बाद संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं

टोक्यो ओलंपिक में भारत अभी तक बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, हॉकी और कुश्ती में पदक जीत चुका है। ऐसे में गोल्फ एक ऐसा खेल है जहां भारत को पदक मिलने की आशा अदिति अशोक के रूप में दिखाई दे रही है। अदिति अशोक 2 राउंड के खेल के बाद महिला गोल्फ में दूसरे नंबर पर हैं।

पदक की दहलीज पर हैं अदिति

23 साल की अदिति ने भारतीय महिला गोल्फर्स का नाम विश्व पटल पर लिखा है।
23 साल की अदिति ने भारतीय महिला गोल्फर्स का नाम विश्व पटल पर लिखा है।

23 साल की अदिति को इन ओलंपिक खेलों के लिए एंट्री अपनी अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ फेडरेशन की रैंकिंग से मिली थी जो 44 है। ऐसे में अदिति ने अब तक दो राउंड में जो खेल दिखाया है वो काबिले तारीफ है। दो दिन का खेल और बचा है और अदिति को अपना यही प्रदर्शन जारी रखना है। अमेरिका की कोर्डा नैली पहले नंबर पर हैं जबकि अदिति के साथ डेनमार्क की ही दो खिलाड़ीं दूसरे दिन के खेल के बाद दूसरे स्थान पर हैं। भारत की एक और महिला गोल्फर दीक्षा डागर 53वें स्थान पर हैं।

किस तरह खेला जाता है गोल्फ

गोल्फ के खेल में गोल्फर का मुख्य काम होता है कि वो निर्धारित होल में अपनी गेंद को डाले। इसके लिए इस्तेमाल होने वाली स्टिक को क्लब कहा जाता है। इस निर्धारित होल में गेंद डालने के लिए जो खिलाड़ी सबसे कम स्ट्रोक लगाता है वो सबसे आगे होता है। अदिति स्ट्रोक प्ले में भाग ले रही हैं मतलब हर स्ट्रोक गिना जाएगा। स्ट्रोक प्ले में कुल 4 दिनों का खेल चलता है और हर दिन 18 होल होते हैं जिनमें गेंद डालनी होती है, यानि कुल मिलाकर 72 होल। हर होल के लिए न्यूनतम स्ट्रोक निर्धारित होते हैं।

रियो का अनुभव टोक्यो में

5 साल की उम्र से गोल्फ खेल रही अदिति ने साल 2016 में रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। 2016 में हीरो इंडियन महिला ओपन जीतकर इतिहास बनाया और इसी साल कतर ओपन जीतकर ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। साल 2016 में ही रियो ओलंपिक में गोल्फ में अदिति अशोक को भाग लेने का मौका मिला और वो ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। 1904 के बाद पहली बार गोल्फ को बतौर खेल ओलंपिक में रियो ओलंपिक में ही शामिल किया गया। अदिति ने रियो में अदिति संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर थीं। ऐसे में दो दिन के खेल के बाद लग रहा है कि अदिति ने पिछले ओलंपिक से काफी सीख ली है। अदिति को साल 2020 में अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

माँ हैं अदिति की कैडी

अपनी मां के साथ टोक्यो में अदिति मुकाबले के दौरान।
अपनी मां के साथ टोक्यो में अदिति मुकाबले के दौरान।

गोल्फ के खेल में सामान्यत: गोल्फर की गोल्फ स्टिक्स और बाकी सामान उठाने का काम जो व्यक्ति करता है वो उस गोल्फर का कैडी कहलाता है। अदिति अशोक के साथ उनकी मां महेश्वरी कैडी के रूप में टोक्यो में हैं। पहले अदिति के पिता उनके कैडी हुआ करते थे। देश को आशा है कि अदिति गोल्फ जैसे खेल में पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दें।

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Edited by निशांत द्रविड़
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