Vandana Katariya announced Retirement : भारतीय हॉकी को एक बड़ा झटका लगा है। दिग्गज खिलाड़ी वदंना कटारिया ने इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इस तरह उनके 15 साल से भी ज्यादा के करियर का अंत हो गया। वंदन कटारिया ने भारत के लिए काफी जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपने करियर में कुल मिलाकर 320 मुकाबले खेले थे और इस दौरान 158 गोल अपने नाम किए थे। उनके नाम भारत की तरफ से सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड है। इन रिकॉर्ड्स के अलावा वंदना कटारिया को मैदान में उनके दृढ़ जज्बे के लिए जाना जाता है।
वंदना कटारिया की अगर बात करें तो उन्होंने 2009 में अपना डेब्यू किया था। वो भारतीय हॉकी टीम का अहम हिस्सा थीं। जब भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2020 के टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर फिनिश किया था तो वो उस टीम में थीं। वो भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए हैट्रिक गोल करने वाली पहली खिलाड़ी बनी थीं। वंदना ने अपना आखिरी मैच इस साल फरवरी में खेला था।
वंदना कटारिया ने अपने संन्यास को लेकर लिखा इमोशनल नोट
वंदना कटारिया ने अपने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा,
संन्यास का यह फैसला आसान नहीं था लेकिन मुझे पता है कि यह सही समय है। जहां तक मुझे याद है हॉकी मेरी जिंदगी रही है। भारत की जर्सी पहनना मेरे लिए सबसे सम्मान की बात थी। हालांकि एक सफर का समान होता है और मैं काफी गर्व और सम्मान के साथ अलविदा कह रही हूं। भारतीय हॉकी काफी अच्छे हाथों में है और मैं हमेशा टीम की बहुत बड़ी सपोर्टर रहुंगी। मैं अपने कोच, साथी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, हॉकी इंडिया, मेरी फैमिली और सभी फैंस का शुक्रिया अदा करना चाहुंगी जिन्होंने इतने सालों तक मुझे सपोर्ट किया। आपका हर एक मैसेज और चीयर मेरे लिए काफी मायने रखता है।"