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लॉन्ग जम्प खिलाड़ी जेस्विन ऑल्ड्रिन विश्व ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप विशेष ट्रायल में फेल, AFI देगी एक और मौका

20 साल के जेस्विन ने अप्रैल में विश्व चैंपियनशिप क्वालिफिकेशन के मार्क को क्रॉस कर लिया था।
20 साल के जेस्विन ने अप्रैल में विश्व चैंपियनशिप क्वालिफिकेशन के मार्क को क्रॉस कर लिया था।
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Hemlata Pandey

भारत के स्टार लॉन्ग जम्प खिलाड़ी जेस्विन ऑल्ड्रिन विश्व चैंपियनशिप के लिए हुए विशेष ट्रायल में फेल हो गए हैं। ऑल्ड्रिन को खराब प्रदर्शन का हवाला देते हुए Atheletics Federation of India यानी AFI ने कॉमनवेल्थ खेलों और विश्व चैंपियनशिप की टीमों से बाहर रखा था। जेस्विन को AFI ने एक मौका देते हुए 4 जुलाई को विशेष ट्रायल का मौका दिया था जिसमें वो AFI की मांग के अनुसार निर्धारित मार्क तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि इस पूरे वाकये में AFI की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं और इसके बाद 8 जुलाई को उन्हें एक और मौका देने का फैसला किया गया है।

A long jumper at the last 3 Athletics World Championships needed 7.98m (2015), 7.91m (2017), 7.89m (2019) to make it to the finals of the event. A long jumper in India needs 8.10m to even start at the 2022 Worlds.Truly an Athletics Superpower 💪🏾

20 साल के जेस्विन को AFI ने विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए एक और मौका दिया था लेकिन शर्त ये रखी थी कि वो 8.10 मीटर की दूरी के आसपास तक कम से कम छलांग लगाएं। जेस्विन ने अपने 6 अटेम्प्ट में कोशिश पूरी की और पांचवें प्रयास में 7.99 मीटर की छलांग लगाई। पहले प्रयास में जेस्विन ने 7.76 मीटर, दूसरे प्रयास में 7.70 मीटर, तीसरे प्रयास में 7.85 मीटर, चौथे प्रयास में 7.91 मीटर की दूरी नापी। पांचवा प्रयास जेस्विन का इस ट्रायल का सर्वश्रेष्ठ अटेम्प्ट था। छठे प्रयास में जेस्विन 7.92 मीटर की दूरी पर पहुंचे।

Jeswin Aldrin has not met qf standard says AFI. He can take part in another trial on the 8th in Patiala. Will have to clear 8.10m to go to WCIOA tells HC they have asked CWG to boost quotas for India in order to give a spot to high jumper Tejaswin Shankar but haven't heard back

कॉमनवेल्थ खेलों के लिए एथलेटिक्स में कुल खिलाड़ियों का सीमित कोटा था जिसमें हर स्पर्धा के लिए एथलीट चुने जाने थे और ऐसे में जेस्विन के मौजूदा फॉर्म को आधार बनाकर उन्हें टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया। लेकिन विश्व चैंपियनशिप में ऐसे कोटा की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन AFI का नकारात्मक रुख फैंस की समझ में नहीं आ रहा। 20 साल के इस युवा ऐथलीट के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को परखने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता। विश्व ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन 15 जुलाई से अमेरिका में होना है।

AFI ने ट्रायल के लिए ये पत्र जारी कर खुद 8.10 मीटर का मार्क निर्धारित कर लिया।
AFI ने ट्रायल के लिए ये पत्र जारी कर खुद 8.10 मीटर का मार्क निर्धारित कर लिया।

जेस्विन ऑल्ड्रिन ने इस सीजन 8.39 मीटर के साथ अपनी बेस्ट जम्प अप्रैल में फेडरेशन कप के दौरान की, हालांकि Wind Assistance यानी हवा के रूख से मिले फायदे के चलते इसे रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं किया गया। इसी प्रतियोगिता में जेस्विन की आधाकारिक जम्प 8.27 मीटर की गिनी गई और उन्हें गोल्ड मेडल मिला था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद का क्वालिफिकेशन मार्क 8.22 मीटर है। ऐसे में AFI जेस्विन को कम से कम विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ले जाने के लिए आनाकानी करने में लगी हुई है।

AFI का तर्क है कि अप्रैल के बाद जेस्विन के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है। इटली , स्पेन और चेन्नई में हुई पिछली तीन प्रतियोगिताओं में जेस्विन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7.82 मीटर का था। चेन्नई में हुई इंटर स्टेट चैंपियनशिप में जेस्विन 7.51 मीटर की जम्प के साथ छठे स्थान पर रहे थे और ये कॉमनवेल्थ खेलों के लिए क्वालिफाय करने का आखिरी मौका था और ऐसे में उन्हें बर्मिंघम खेलों की टीम में शामिल नहीं किया गया। अब सभी की नजर 8 जुलाई के फाइनल ट्रायल पर लगी हैं।


Edited by Prashant Kumar
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