Create
Notifications
New User posted their first comment
Advertisement

अमित पंघाल ने कहा- टोक्‍यो ओलंपिक्‍स के स्‍थगित होने से मेरे मेडल जीतने के मौके बढ़ गए

अमित पंघाल
अमित पंघाल
Vivek Goel
ANALYST
Modified 30 Sep 2020, 20:53 IST
विशेष
Advertisement

जब अगले साल 2021 टोक्‍यो ओलंपिक्‍स के लिए भारत अपने एथलीट्स का दल भेजेगा, तो मुक्‍केबाज अमित पंघाल पर लोगों की बारीक नजर रहेगी। पांच प्रमुख अंतरराष्‍ट्रीय मेडल के विजेता, जिसमें विश्‍व चैंपियनशिप्‍स का सिल्‍वर और एशियाई गेम्‍स व एशियाई चैंपियनशिप्‍स के दो गोल्‍ड शामिल, 24 साल के अमित पंघाल से देश को ओलंपिक में मेडल की उम्‍मीद है। मुक्‍केबाजों के फ्लाइवेट वर्ग में नंबर-1 रैंक वाले अमित पंघाल विजेंदर सिंह के बाद देश के पहले मुक्‍केबाज हैं, जो एआईबीए रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंचे हैं।

अमित पंघाल का मानना है क‍ि टोक्‍यो ओलंपिक्‍स के एक साल स्‍थगित होने से उनके मेडल जीतने की उम्‍मीदें सशक्‍त हो गई हैं क्‍योंकि वह अपने गेम पर ज्‍यादा बारीकी से काम कर सकेंगे। कोरोना वायरस महामारी के कारण टोक्‍यो ओलंपिक्‍स एक साथ के लिए स्‍थगित कर दिया गया। अमित पंघाल पहले सिर्फ अपने ताकत पक्ष पर काम कर रहे थे। हालांकि, 6 महीने बाद पंघाल का मानना है कि ओलंपिक्‍स की तैयारी के लिए मिले 6 अतिरिक्‍त महीने स्‍वागत योग्‍य है।

अमित पंघाल ने स्‍क्रॉल को दिए इंटरव्‍यू में कहा, 'पहला एहसास हुआ कि अगर इस साल ओलंपिक्‍स होता तो अच्‍छा रहता, लेकिन स्‍थगित होने के अपने फायदे हैं। मेरे वजन वर्ग में मैंने कई लंबे मुक्‍केबाजों का सामना किया तो मुझे अपनी पहुंच और ताकत में सुधार करने की जरूरत थी। इस खाली समय में जब कोई प्रतियोगिता नहीं थी तो मैंने अपने इन पक्षों पर काम किया और नेशनल कैंप में इसे करके भी देखा। मुझे एहसास हुआ कि मैंने अपनी कुछ कमजोरियों को दूर किया है।'

अमित पंघाल जमकर कर रहे हैं अभ्‍यास

अमित पंघाल फिलहाल एनआईएस पटियाला में नेशनल बॉक्सिंग कैंप में ट्रेनिंग कर रहे हैं, जहां वो बॉक्सिंग टीम के नए स्‍ट्रेंथ और कंडिशनिंग हेड डान जैफरसन के साथ धीमे-धीमे अपनी नई ताकत पर काम कर रहे हैं। जैफरसन इसी जुड़े हैं। अमित पंघाल ने कहा, 'जैफरसन यहां दो-तीन सप्‍ताह से हैं। उन्‍होंने मुझे अपने शरीर में धीरे भार बढ़ाने को कहा है और ज्‍यादा छेड़खानी करने से मना किया है। ओलंपिक्‍स में अभी काफी समय है।'

अमित पंघाल ने आगे कहा, 'अन्‍य खेलों की तुलना में बॉक्सिंग की वजन ट्रेनिंग एकदम अलग होती है और हम अपने शरीर को कड़ा नहीं होने दे सकते। हम पुरानी एक्‍सरसाइज को ज्‍यादा रीपिट करते हैं और कुछ नए भी जोड़ते हैं।' भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण कैंप में मुक्‍केबाजों को रिंग में साथी पार्टनर के साथ ट्रेनिंग करने की अनुमति नहीं है। अमित पंघाल ने कहा, 'हम जोड़ीदार के साथ ट्रेनिंग नहीं कर सकते, जिससे काफी फर्क पड़ता है, लेकिन हम अच्‍छे से प्रबंध कर रहे हैं क्‍योंकि हमारे कोच पैड का उपयोग कर रहे हैं।'

अमित पंघाल ने कहा, 'मेरे ख्‍याल से मेरी उपलब्धियों ने मुझे विश्‍वास दिया है। मैं नंबर-1 हूं और इससे मुझे ओलंपिक्‍स में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।'

Published 30 Sep 2020, 20:53 IST
Advertisement
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now
❤️ Favorites Edit