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Rio Olympics 2016: मुक्केबाज़ शिव थापा के ओलंपिक में पहुँचने की कहानी

Modified 11 Oct 2018, 13:43 IST
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शिव थापा रियो ओलंपिक में भारत की तरफ मुक्केबाजी में पदक के बड़े दावेदार हैं। गुवाहाटी का ये मुक्केबाज़ माइक टायसन को अपना आदर्श मानता है। उनके पिता उन्हें मुक्केबाजी में भारत की तरफ से खेलते हुए देखना चाहते थे। 22 बरस के इस मुक्केबाज़ ने खुद को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया। साल 2008 में थापा ने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में 54 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता था। तब उनकी उम्र मात्र 14 साल की थी। इसी साल अज़र्बेजान के बाकू में हुए हेदर अलियेव जूनियर कप भी जीता था। थापा ने अगले साल फिर 52 किग्रा में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप का ख़िताब जीता था।जूनियर स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उनका चयन सीनियर स्तर पर 2011 में हुआ। 56 किग्रा भारवर्ग में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में थापा ने रजत पदक जीता था। साल 2012 में लन्दन ओलंपिक के लिए थापा ने क्वालीफाई किया। ऐसा करने वाले वह भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। हालाँकि वह आयरलैंड के माइकल कांलन से पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गये। लेकिन थापा निराश नहीं हुए और वह 2016 में रियो की तैयारी में लग गये। शिव थापा के लिए रियो का सफर साल 2014 में हुए कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों से शुरू हो चुका था। लेकिन थापा ने निराश किया और वह पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गये। ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट और एंग्लियन मैडल हंट कंपनी उन्हें सपोर्ट करती है। हालाँकि साल 2015 में दोहा में हुए अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट को जीतने के बाद थापा के अंदर आत्मविश्वास जगा। थापा का रियो जाने का सपना आखिर सच साबित हुआ। चीन के कियान में हुए एआईबीए एशियन और ओसानिक ओलंपिक क्वालीफ़ायर के सेमीफाइनल में उन्होंने थापा को कीरत येर्लियेव को 3-0 से हराया। इस मुकाबले को जीतते ही वह भारत के पहले मुक्केबाज़ बने जिसने रियो जा टिकट हासिल किया। इसके बाद मनोज कुमार और विकास कृष्णन यादव भी रियो के लिए क्वालीफाई कर गये। लेकिन उनका रियो में पहुंचना मैडल की गारंटी नहीं है। हालाँकि वह एआईबीए की तरफ से जारी वर्ल्ड रैंकिंग में दुनिया के तीसरे रैंक के मुक्केबाज़ हैं। इसका मतलब थापा पदक के दावेदार हैं। इसके आलावा उनके अंदर दूसरी बार ओलंपिक में जाने का आत्मविश्वास भी है। शिव अपने विपक्षी को परास्त करने के लिए लगातार कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसके साथ ही वह अपनी तेजी का भी फायदा पाएंगे। ओलंपिक में उन्हें आयरलैंड के माइकल कांलन और क्यूबा के क्रूज़ गोमेज़ से कठिन चुनौती मिलेगी। हालाँकि भारतीय फैन्स को थापा से पदक की बड़ी आशा है। Published 04 Aug 2016, 15:01 IST
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