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क्रिकेट की दुनिया के 3 बड़े सम्मान जो सचिन तेंदुलकर को आज तक नहीं मिले

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# 2 आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल नहीं है

Last month, Rahul Dravid became the fifth Indian to join the list. (image courtesy - zee news)

आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम क्रिकेट के लंबे और शानदार इतिहास से सर्वश्रेष्ठ खिलाडियों की उपलब्धियों को दर्शाता है। 2009 में आईसीसी ने इसे लॉन्च किया था। भारत से केवल बिशन सिंह बेदी, कपिल देव , राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले को इस सूची में शामिल किया गया है।

हॉल ऑफ फेम में अन्य देशों के खिलाड़ियों की तुलना में अधिक अंग्रेजी खिलाड़ी हैं। 84 खिलाडियों में से केवल 15 खिलाड़ी ही ऐसे हैं जो इस सूची में इंग्लैंड, विंडीज और ऑस्ट्रेलिया से नहीं हैं। हॉल ऑफ फेम के आईसीसी नियमों के अनुसार, एक बल्लेबाज केवल तभी सूची के लिए योग्यता प्राप्त कर सकता है जब उसने टेस्ट या वन डे इंटरनेशनल में 8000 से अधिक रन और 20 शतक बनाए हैं। ओडीआई में 18,426 रन और टेस्ट में 15, 921 रनों के साथ, सचिन आसानी से इस मानदंड में फिट बैठते है।

क्यों शामिल नहीं है ?

लेकिन यहां एक वजह है। एक और नियम कहता है कि उन खिलाड़ियों को ही सूची में शामिल किया जा सकता है जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए हुए 5 साल हो गया हो । तेंदुलकर 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सेवानिवृत्त हुए। इसलिए वह इस साल आईसीसी हॉल ऑफ फेम बनाने के लिए योग्य नहीं थे बल्कि द्रविड़ जो 2012 में सेवानिवृत्त हुए थे को इसमें शामिल किया गया था। तेंदुलकर अगले साल सूची के लिए पात्र होंगे।

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