Create
Notifications
New User posted their first comment
Advertisement

4 गलतियां जिनकी वजह से भारत 2007 के बाद दोबारा टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाया है

महेंद्र सिंह धोनी द्वारा लिए गए फैसले भारत को पड़े भारी
महेंद्र सिंह धोनी द्वारा लिए गए फैसले भारत को पड़े भारी
EXPERT COLUMNIST
Modified 15 Apr 2020, 16:25 IST
टॉप 5 / टॉप 10
Advertisement

2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में खेला गया था और इसे भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर जीता था। इसी टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत में इस फॉर्मेट को काफी गंभीरता से लिया गया और फिर 2008 में ही आईपीएल की शुरुआत हुई, जोकि विश्व की सर्वश्रेष्ठ लीग में से एक हैं।

हालांकि पहला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का प्रदर्शन टी20 वर्ल्ड कप में कुछ खास नहीं रहा है, क्योंकि टीम तीन बार (2009, 10 और 12) में सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई। इसके अलावा 2009 और 2010 में तो टीम सुपर 8 में एक भी मैच जीतने में कामयाब नहीं हुई।

यह भी पढ़ें: 5 भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्के लगाए हैं:

2014 में टीम फाइनल में पहुंची और 2016 में भी टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन खिताबी जीत दर्ज नहीं कर पाए

इस आर्टिकल में हम उन्हीं गलतियों के ऊपर नजर डालेंगे, जोकि भारत की हार की मुख्य वजह रही:

#) 2009 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में इनफॉर्म युवराज सिंह की जगह रविंद्र जडेजा को भेजना

रविंद्र जडेजा की बेहद खराब पारी
रविंद्र जडेजा की बेहद खराब पारी

2009 में दूसरा टी20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड में हुआ था। भारत की टीम ने दोनों लीग मैचों को जीतकर आसानी से सुपर 8 में जगह बनाई। सुपर 8 में भारत अपना पहला मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ हार गया था। इस मैच में युवराज सिंह की जगह सभी बल्लेबाज छोटी गेंद पर संघर्ष करते हुए नजर आए।

भारत का सुपर 8 में दूसरा मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ हुआ और यह करो या मरो वाला मुकाबला था। भारत ने पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड को 153-7 के स्कोर पर रोक लिया और भारत के लिए यह लक्ष्य इतना मु्श्किल नहीं था। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही और टीम ने 24 के स्कोर तक रोहित शर्मा और सुरेश रैना के विकेट गंवा दिए थे। हालांकि यहां पर इनफॉर्म युवराज सिंह को भेजने की जगह टीम ने रविंद्र जडेजा को भेजा और यह फैसला पूरी तरह से गलत साबित हुआ।

जडेजा ने 35 गेंदों पर 71.43 की खराब स्ट्राइक रेट से सिर्फ 25 रन बनाए और इससे दूसरे बल्लेबाजों पर काफी दबाव आ गया। युवराज सिंह जब बल्लेबाजी करने आए, तो रनरेट में काफी इजाफा हो चुका था। युवी ने 9 गेंदों में 17 रन बनाए और आउट हो गए। अंत में भारत लक्ष्य के करीब पहुंचा, लेकिन 3 रन से इस मैच को हार गया।

इसमें एक चीज और हैरान करने वाली थी कि लीग स्टेज में धोनी खुद तीन नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, लेकिन सुपर 8 में खुद काफी नीचे बल्लेबाजी करने आए, जिसका खामियाजा टीम ने टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होकर चुकाया।

1 / 4 NEXT
Published 15 Apr 2020, 16:25 IST
Advertisement
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now
❤️ Favorites Edit