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3 बल्लेबाजों की जोड़ियां जिन्होंने टेस्ट मैच के दौरान पूरे दिन बल्लेबाज़ी कर मैच का पासा पलट दिया

  • इन तीन बल्लेबाज़ जोड़ियों ने टेस्ट मैच के दौरान पूरा दिन बल्लेबाज़ी कर अपनी टीम को हार से बचाया है
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Modified 30 Dec 2018, 16:35 IST

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क्रिकेट एक टीम गेम है जहाँ 'मैं' शब्द की कोई गुँजाइश नहीं है। किसी भी टीम की जीत में दो बल्लेबाज़ों के बीच होने वाली साझेदारी बहुत मायने रखती है। खेल के सबसे लंबे प्रारूप, टेस्ट क्रिकेट में न केवल खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस बल्कि मानसिक शक्ति की भी कड़ी परीक्षा होती है। 

क्रिकेट इतिहास में हमने कुछ बड़ी साझेदारियाँ देखी हैं जिन्होंने पूरे मैच का पासा ही पलट दिया। कई बार तो पहली पारी में फॉलोऑन मिलने के बाद भी दो बल्लेबाज़ों के बीच हुई सांझेदारियों की बदौलत टीमें जीत गई हैं। 

ऐसे में उन बल्लेबाज़ जोड़ियों के बारे में जानना दिलचस्प होगा जिन्होंने पूरे दिन बल्लेबाज़ी कर अपनी टीम को हार से बचाया है। तो आइये जानते हैं इन तीन बल्लेबाज़ जोड़ियों के बारे में:

#1. राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 335 रन, कोलकाता टेस्ट, 2001)

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भारतीय टीम 2001 में बुरे दौर से गुज़र रही थी जब उसे घर और विदेश में भी हार का सामना करना पड़ रहा था। दूसरी ओर, उस समय भारत का दौरा कर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले टेस्ट में भारत को 10 विकेट से हराया था और दूसरे टेस्ट में पूरे आत्म-विश्वास से उतरी थी। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया लगातार 16 टेस्ट मैचों में जीत दर्ज करने का रिकार्ड बना चुकी थी। उस समय इस टीम में स्टीव वॉ, शेन वॉर्न, रिकी पोंटिंग और ग्लेन मैकग्राथ जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे।

कोलकाता के ईडन गार्डन में खेले गए इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली पारी में कुल 445 रन बनाए और भारतीय टीम को 171 रनों पर आल-आउट कर 274 की बढ़त बना ली और मेज़बान टीम को फॉलो-आन मिलने के कारण दोबारा बल्लेबाज़ी करने के लिए उतरना पड़ा।

भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के आउट होने के समय स्कोर 232-4 था और भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा था। इसके बाद राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की जोड़ी मैदान पर थी और तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक लक्ष्मण 109 और द्रविड़ के 7 रन पर खेल रहे थे।

अब भारतीय टीम के लिए चौथा दिन बहुत अहम था। इस दिन की शुरुआत से ही द्रविड़ और लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और काउंटर-अटैकिंग क्रिकेट खेली जिससे कंगारू गेंदबाज़ों के हौसले पस्त हो गए। इस जोड़ी ने पूरे दिन खेलकर रिकार्ड 335 रनों की सांझेदारी की। पांचवें दिन लक्ष्मण और द्रविड़ ने आउट होने से पहले क्रमशः 281 और 180 रनों की ऐतिहासिक पारियां खेलीं और भारत ने 657 के स्कोर पर अपनी पारी की घोषणा कर दी। इस तरह से ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 75 ओवरों में 384 रनों का लक्ष्य मिला। 

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लेकिन भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 6 विकेट हासिल किये और इस प्रकार ऑस्ट्रेलिया को 212 रनों पर आल-आउट कर भारत ने 171 रनों से यह मैच जीता था।

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Published 30 Dec 2018, 16:35 IST
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