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5 भारतीय खिलाड़ी जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली

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निरंजन

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वन-डे सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ वन-डे सीरीज 23 जनवरी से शुरू होकर 3 फरवरी को समाप्त होगी। टीम में कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनके बारे में नहीं सोचा गया था लेकिन कुछ नाम ऐसे भी रहे जिन्हें शामिल किया जाना चाहिए थे लेकिन यह नहीं हुआ।

सभी को उम्मीदें थी कि टीम में कुछ नए चेहरों को भी जगह मिलेगी लेकिन अनुभवी खिलाड़ी उन पर भारी पड़े और टीम में आड़े आ गए। कई ऐसे नाम भी हैं जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मुकाबलों के लिए टीम में शामिल किये गए मगर वन-डे टीम में स्थान बनाने में कामयाब नहीं हो पाए। यहां ऐसे ही पांच खिलाड़ियों की चर्चा करेंगे जिन्हें कीवी टीम के खिलाफ एकदिवसीय टीम में जगह नहीं मिल पाई।

विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान), विजय शंकर, शिखर धवन, अंबाती रायडू, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, एम एस धोनी (विकेटकीपर), शुबमन गिल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद और मोहम्मद शमी।

मयंक अग्रवाल

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यह 27 वर्षीय कर्नाटक का युवा खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने में कामयाब रहा लेकिन वन-डे के लिए अभी इंतजार और लम्बा होगा। उन्हें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की 16 सदस्यीय टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया है। पिछले कुछ समय से अग्रवाल ने शानदार फॉर्म दर्शाते हुए भारतीय घरेलू क्रिकेट के हर प्रारूप में काफी रन बनाए हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में उनकी औसत लगभग 50 की है, इसमें 12 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। उन्हें वन-डे टीम में शामिल किया जाता तो वे अपने प्रदर्शन के बल पर 2019 विश्वकप के लिए चयन समिति को एक संदेश दे सकते थे। इंग्लैंड दौरे पर भी उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया था लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला था। वहां हनुमा विहारी ने टेस्ट डेब्यू किया था। देखना होगा वन-डे के लिए उन्हें कब तक इंतजार करना पड़ता है। हालांकि मयंक अग्रवाल के कौशल पर किसी को शक नहीं होगा।

उमेश यादव और क्रुणाल पांड्या

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उमेश यादव को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया था। सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन पिछले कुछ समय से काफी बेहतर देखने को मिला है। उनके टीम में रहने से टीम की गेंदबाजी में एक धार देखने को मिलती। अब उन्हें विश्वकप से पहले सफेद गेंद के 50 ओवर प्रारूप में खुद को साबित करने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।

क्रुणाल पांड्या ने भी टीम इंडिया के लिए टी20 क्रिकेट में शिरकत करते हुए 6 मैच खेले हैं। गेंदबाजी के अलावा बल्लेबाजी में भी लम्बे शॉट लगाते हैं और फील्डिंग में भी उम्दा खेल दिखाते हैं। इन्हें शामिल करने से भारतीय टीम में मध्यक्रम में बल्लेबाजी की समस्या का हल हो सकता है। हालांकि टीम में जगह नहीं मिलने पर इस खिलाड़ी को भी अब इंतजार ही करना पड़ेगा।

ऋषभ पन्त और मनीष पांडे

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ऋषभ पन्त वह नाम है जो क्रिकेट के हर प्रारूप में चर्चा में रहता है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में डेब्यू करने वाले इस खिलाड़ी को न्यूजीलैंड के खिलाफ वन-डे सीरीज में नहीं चुना गया। बीसीसीआई ने दिनेश कार्तिक को चुनकर साफ़ विश्वकप में दूसरे विकेटकीपर की भूमिका का साफ़ संकेत दिया है। अहम टूर्नामेंट के लिए युवा जोश की जगह अनुभव को तरजीह देने की दिशा में यह कदम कहा जा सकता है।

मनीष पांडे ने हाल ही में न्यूजीलैंड ए के खिलाफ एक नाबाद शतकीय पारी खेली है लेकिन सीनियर टीम में उन्हें जगह नहीं मिल पाई। पिछले कुछ समय से उनमें निरन्तरता दिखी है है लेकिन कई मौकों पर प्रदर्शन में गिरावट भी दर्ज हुई है। हालांकि उन्हें टीम में शामिल करने से एक संतुलन कायम रहता लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विश्वकप से पहले उन्हें खुद को एक बार फिर साबित करने की जरुरत होगी।

Edited by Naveen Sharma

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