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वर्ल्ड कप 2019: 5 बड़े रिकॉर्ड जो इस साल टूट सकते हैं

Trophy

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप को शुरू होने में अब एक महीने से भी कम का समय बचा रह गया है। किसी भी खिलाड़ी या क्रिकेट फैन्स के लिए इस टूर्नामेंट का काफी महत्व होता है। खिलाड़ियों द्वारा विश्वकप के दौरान बनाए गए रिकॉर्ड्स आम टूर्नामेंट में बनाए गए रिकॉर्ड्स की अपेक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसके जरिए उसका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है। यही कारण है कि हर खिलाड़ी आईसीसी विश्वकप को अपने खेल के जरिए यादगार बनाना चाहता है।

इस टूर्नामेंट के दौरान कई खिलाड़ियों ने पूर्व में ऐसे रिकॉर्ड अपन नाम किए हैं, जिनके जरिए आज उनका नाम हर कोई जानता है। आज हम आपको खिलाड़ियों द्वारा विश्वकप में बनाए गए कुछ अच्छे और बुरे रिकॉर्ड्स के बारे में ही बताने जा रहे हैं, जो शायद आईसीसी विश्वकप 2019 में टूट सकते हैं। आइए जानते हैं, कौन से हैं वो रिकॉर्ड्स-

विकेटकीपर द्वारा सबसे ज्यादा बार आउट

MS Dhoni

इस रिकॉर्ड के मामले में 2015 के विश्वकप से पहले ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट का नाम सबसे ऊपर लिया जाता था, लेकिन 2015 के विश्वकप में श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगाकारा ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। गिलक्रिस्ट ने जहां विश्वकप के दौरान 31 इनिंग में 52 बार विकेट के पीछे से बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। तो वहीं कुमार संगाकारा ने गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 36 इनिंग में 54 बार स्टंपिंग और विकेट के पीछे से कैच पकड़े।

2019 में इस रिकॉर्ड को तोड़ने की बात करें तो इस मामले में केवल भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी का नाम ही शामिल किया जाता है। धोनी अभी तक 20 इनिंग में 32 बार स्टंप के पीछे से बल्लेबाजों का विकेट झटक चुके हैं। वहीं उन्हें संगाकारा के 54 के आंकड़े को तोड़ने के लिए 22 शिकार और करने होंगे।

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सबसे ज्यादा बार डक पर आउट होने का रिकॉर्ड

Eoin Morgan

दूसरा रिकॉर्ड विश्वकप में सबसे ज्यादा बार बल्लेबाज का शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड है। इस मामले में सबसे पहला नाम नाथन एस्टल का आता है, जो 1996 से 2003 के दौरान विश्व कप के 22 मुकाबलों में 5 बार 0 पर आउट हुए हैं। उनके बाद दूसरा नाम इजाद अहमद का है, जो 29 मैचों में 5 बार डक पर आउट हो चुके हैं।

ऐसे में 2019 के विश्वकप में केवल एक ही खिलाड़ी ऐसा नजर आएगा, जो इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है। इंग्लैंड के इयोन मॉर्गन अभी तक 2007 से 2015 तक 4 बार डक पर आउट हो चुके हैं। मॉर्गन ही 2019 के विश्वकप में इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं।

विश्वकप में सबसे ज्यादा शतक

Shikhar Dhawan

सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने क्रिकेट खेला नहीं, बल्कि क्रिकेट का एक युग जिया है। उन्होंने अपने करियर के दौरान विश्वकप में 6 शतक लगाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उनके बाद इस मामले में रिकी पोंटिंग और सौरव गांगुली का नाम आता है, जिन्होंने क्रमशः 5-5 शतक अपने नाम किए हैं। 2015 के विश्वकप में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि शायद साउथ अफ्रीका के एबी डीविलियर्स इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं लेकिन वह उस टूर्नामेंट में एक शतक ही बना सके थे और कुल 4 शतक लगाने के बाद उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

ऐसे में 2019 के विश्वकप में इस रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद भारत के शिखर धवन से लगाई जा रही हैं। हालांकि अभी शिखर धवन केवल 2 शतक ही अपने नाम कर सके हैं लेकिन उनकी आईपीएल में बेहतरीन फॉर्म को देखते हुए कहा जा सकता है कि वह इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं।

लगातार मिलने वाली हार का अंत

India Pakistan

भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें विश्वकप में 6 बार एक दूसरे के सामने आ चुकी हैं लेकिन पाकिस्तान को 1992, 1996, 1999, 2003, 2011 और 2015 इन सभी विश्वकप में भारत के हाथों लगातार हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि पाकिस्तान के पास मौका था कि अगर वह 2011 में भारत को विश्वकप में हराती तो शायद वह ट्रॉफी तक भी पहुंच सकती थी, लेकिन 2011 में भारत दूसरी बार इस ट्रॉफी को जीतकर विश्व चैंपियन बना। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या पाकिस्तान 2019 के विश्वकप में भारत के हाथो अपनी लगातार हार के रिकॉर्ड को तोड़ पाता है या नहीं।

सबसे ज्यादा मैच होस्ट करने का रिकॉर्ड

Headingly

क्रिकेट के जनक देश इंग्लैंड को ही विश्वकप की शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा बार इस टूर्नामेंट को आयोजित करने का अवसर मिला है। ऐसे में अगर हम विश्वकप के सबसे ज्यादा मैच होस्ट करने वाले क्रिकेट ग्राउंड की बात करें, तो इसमें सबसे पहला नाम लीड्स के हेडिंग्ले ग्राउंड का आता है, जहां अभी तक कुल 12 मैचों का आयोजन किया जा चुका है, वहीं इसके बाद नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज, मेनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफोर्ड और बर्मिंघम के एजबेस्टन में क्रमशः 11-11 मैचों का आयोजन किया गया है। वहीं इस बार फिर से विश्वकप का आयोजन इंग्लैंड में ही हो रहा है। ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह रिकॉर्ड हेडिंग्ले के पास ही रहेगा या फिर कोई और मैदान इस रिकॉर्ड को अपने नाम करेगा।

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Edited by मयंक मेहता
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