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5 युवा खिलाड़ी जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सुपरस्टार हो सकते हैं

टॉप 5 / टॉप 10
4.33K   //    18 Jan 2019, 15:11 IST

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भारतीय क्रिकेट टीम में कभी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं रही है। अतीत में, भारत ने कपिल देव जैसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर को पैदा किया है जिसने 80 के दशक में वेस्टइंडीज़ की अजेय मानी जाने वाली टीम को हराकर भारत को पहली बार विश्व कप जिताने का कारनामा किया। वहीं सुनील गावस्कर के रूप में भारत को ऐसा महान बल्लेबाज़ मिला जिसने भारतीय क्रिकेट को नई उँचाईयां प्रदान कीं। आज जब भारत की गिनती दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में होती है तो इसका श्रेय बहुत हद तक इन दो महान खिलाड़ियों को जाता है।

इसके बाद 90 के दशक के अंत में भारत ने 'फैब 4' के नाम से प्रसिद्ध चौकड़ी का निर्माण किया, जिसमें सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण शामिल थे। 

वहीं इक्कीसवीं सदी के पहले दशक में वीरेंदर सहवाग, एमएस धोनी, ज़हीर खान, युवराज सिंह, हरभजन जैसे खिलाड़ियों ने भारत को सर्वश्रेष्ठ टीम बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

वर्तमान समय में विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट को नई उँचाईयां प्रदान करने का काम कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों की बदौलत हाल ही में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली बार उसकी सरज़मीं पर टेस्ट सीरीज में मात दी है। 

लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, टीम में नए खिलाड़ियों को शामिल करना बेहद ज़रूरी होता है। तो आइये एक नज़र डालते हैं पांच ऐसे चुनिंदा युवा खिलाड़ियों पर जो भविष्य में भारत के स्टार खिलाड़ी बनकर उभर सकते हैं:

#5. कमलेश नागरकोटी

Kamlesh Nagarkoti

कमलेश नागरकोटी भारत की अंडर -19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे जहां वह शुबमन गिल और पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट के स्टार खिलाड़ी बनकर उभरे। विश्व कप में, उन्होंने 6 मैचों में नौ विकेट लिए और 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाज़ की थी। 

उनकी गति और सटीकता ने क्रिकेट बिरादरी के प्रत्येक व्यक्ति को प्रभावित किया था। इसके बाद वह आईपीएल सीज़न 2018 में खेलने के लिए तैयार थे, लेकिन दुर्भाग्यवश इस टूर्नामेंट से पहले चोटिल होने के कारण वह अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए एक भी मैच नहीं खेल पाए।

हालाँकि, कमलेश नागरकोटी को घरेलू सर्किट में इतना अनुभव नहीं है और उन्होंने अभी तक केवल 8 लिस्ट 'ए' मैचों में ही शिरकत की है लेकिन उनके गेंदबाज़ी कौशल को देख कर हम यह कह सकते हैं कि वह लंबी रेस के घोड़े साबित होंगे और आने वाले समय में निश्चित रूप से भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण की कमान संभालेंगे। 

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