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2008 सिडनी टेस्ट की पूरी कहानी, जब भारतीय टीम के साथ हुई थी 'बेईमानी'!

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SENIOR ANALYST
Modified 15 Feb 2019, 16:09 IST
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3 जनवरी 2019 से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का चौथा मैच खेला जाएगा। ये मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में होगा। सिडनी में होने वाला ये मैच कई मायनों में खास होगा। अगर भारतीय टीम यहां पर जीतती है तो सीरीज उनके नाम रहेगी। इससे पहले कभी भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। लेकिन हम यहां पर बात करेंगे उस सिडनी टेस्ट की जिसमें काफी विवाद हुए थे और यहां तक कि दौरा रद्द होने तक की भी नौबत आ गई थी।

आज से 10 साल पहले 2008 में खेले गए उस सिडनी टेस्ट मैच में काफी विवाद हुआ था। ये वही मैच है जिसमें 'मंकीगेट' प्रकरण हुआ था और ऑस्ट्रेलियाई टीम पर बेईमानी के भी काफी आरोप लगे थे। अनिल कुंबले की कप्तानी में भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से पीछे चल रही थी और 2 जनवरी से सिडनी में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना था। भारतीय टीम इस टेस्ट को जीतकर सीरीज बराबरी करने के इरादे से मैदान में उतरी थी।

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोटिंग ने टॉस जीता और बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 135 रन तक 6 विकेट गिर गए। यहां से उस मैच के अंपायर स्टीव बकनर और मार्क बेंसन ने भारतीय टीम के खिलाफ कई फैसले दिए। एंड्रु साइमंड्स इस मैच में 3 बार आउट थे लेकिन उन्हें नॉट आउट करार दिया गया। मसलन जब साइमंड्स बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए तो इशांत शर्मा की गेंद पर वो विकेटों के पीछे कैच आउट हो गए थे लेकिन स्टीव बकनर ने उन्हें नॉट ऑउट करार दिया। इसके बाद हरभजन सिंह की गेंद पर वो स्टंप आउट भी हुए लेकिन स्टीव बकनर ने फिर भी उन्हें नॉट आउट करार दिया और थर्ड अंपायर से मदद नहीं मांगी। यहां तक कि अनिल कुंबले की गेंद पर जब स्टंप आउट की अपील हुई तो थर्ड अंपायर ब्रूस ऑक्सनफोर्ड ने उनको नॉट करार दे दिया। जबकि रीप्ले में दिखाई दे रहा था कि उनके पैर हवा में थे और कमेंटेटर भी कह रहे थे कि साइमंड्स आउट हैं। इस तरह के फैसले का पूरा फायदा उठाते हुए साइमंड्स ने 162 रनों की पारी खेल ऑस्ट्रेलियाई टीम को 463 रन के स्कोर तक पहुंचा दिया। इससे पहले सौरव गांगुली की गेंद पर रिकी पोटिंग को भी अंपायर ने नॉट करार दिया था।

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भारतीय टीम ने पहली पारी में 532 रन बनाए और 69 रनों की बढ़त हासिल कर ली। वीवीएस लक्ष्मण ने 109 और सचिन तेंदुलकर ने नाबाद 154 रन बनाए थे। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 401 बनाकर घोषित की। भारत को जीत के लिए 333 रनों का लक्ष्य मिला। आखिरी दिन बल्लेबाजी करते हुए भी भारतीय टीम के साथ बेईमानी हुई। 38 रन पर खेल रहे राहुल द्रविड़ को एंड्रु साइमंड्स की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच आउट करार दे दिया। जबकि उनका पैड आगे था बल्ला गेंद से काफी दूर था लेकिन एडम गिलक्रिस्ट ने विकेटों के पीछे से अपील की और अंपायर ने द्रविड़ को आउट करार दे दिया।

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इसके बाद 51 रन पर खेल सौरव गांगुली भी इसी तरह की एक खराब अंपायरिंग का निशाना बन जाते हैं। ब्रेट ली के ओवर में गेंद गांगुली के बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में जाती है और वहां मौजूद माइकल क्लार्क कैच पकड़ने का दावा करते हैं। यहां तक कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोटिंग भी उंगली खड़ी कर साफ कैच पकड़ने का दावा करते हैं। रीप्ले में साफ दिखाई देता है कि क्लार्क ने ठीक तरह से कैच नहीं पकड़ा था और गेंद जमीन को लग चुकी थी लेकिन अंपायर मार्क बेंसन गांगुली को आउट करार देते हैं।

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इतने सारे गलत फैसलों के बावजूद भारतीय टीम मैच बचाती हुई दिख रही थी लेकिन माइकल क्लार्क ने आखिर में एक ओवर में 3 विकेट लेकर मैच का पासा पलट दिया और भारतीय टीम को 122 रन से हार का सामना करना पड़ा। मैदान में खराब अंपायरिंग के अलावा एक और विवाद हुआ जो काफी सुर्खियों में रहा। उस मैच में हरभजन सिंह पर एंड्रु साइमंड्स को 'मंकी' कहने का आरोप लगाया गया था, जिसे 'मंकीगेट' प्रकरण के नाम से जाना जाता है। इसके लिए हरभजन सिंह पर 3 टेस्ट मैच का बैन लगा दिया गया था लेकिन भारतीय टीम ने इस फैसले के खिलाफ विरोध कर दिया और दौरा बीच में ही रद्द करने की धमकी दे डाली। इधर भारत में भी विरोध प्रदर्शन होने लगे और खराब अंपायरिंग को लेकर काफी सवाल उठाए गए। अंत में हरभजन सिंह को क्लीन चिट मिल गई।

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भारतीय टीम के कप्तान अनिल कुंबले ने उस वक्त कहा था कि इस मैच में सिर्फ एक ही टीम खेल भावना के साथ खेली थी। उनका इशारा साफ तौर पर समझा जा सकता था। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने भी उस मैच के बारे में कहा था कि ये मैच शायद अपने गलत फैसलों के लिए जाना जाएगा। पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने ईमानदारी से खेला होता तो हम शायद सिडनी टेस्ट मैच जीत भी जाते। सचिन तेंदुलकर ने अपनी किताब 'प्लेइंग इट माइ वे' में लिखा है कि उन सभी विवादों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की जीत पर हमने उसी तरह हाथ मिलाकर उनको बधाई जैसे सभी मैचों में करते हैं।

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अब एक बार फिर भारत और ऑस्ट्रेलिया आमने सामने हैं, उसी सिडनी मैदान में जहां 10 साल पहले ये सारा विवाद हुआ था। इस बार भारतीय टीम सीरीज में आगे है और ऑस्ट्रेलिया के ऊपर काफी दबाव है।

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Published 02 Jan 2019, 18:36 IST
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