Devajit Saikia Reacts on Family Policy: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में भारतीय टीम के लचर प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और स्टाफ मेंबर्स के लिए कुछ नए नियम बनाए थे। इसमें विदेशी दौरों पर परिवार को नियमित समय के लिए साथ ले जाने को लेकर भी एक नियम लागू किया गया था। इस नियम पर कुछ खिलाड़ियों ने आपत्ति जताई थी। इसमें दिग्गज विराट कोहली का नाम भी शामिल रहा।
उन्होंने RCB के इवेंट में कहा था कि खिलाड़ियों के लिए परिवार का साथ रहना मानसिक रूप से फायदेमंद होता है। उनके इस स्टेटमेंट के बाद, उम्मीद जताई जा रही थी कि शायद बीसीसीआई अपनी पॉलिसी में कुछ बदलाव करेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
BCCI ने विराट कोहली दिया झटका!
बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इस मुद्दे पर अब अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने क्रिकबज को दिए इंटरव्यू में कहा,
इस समय वर्तमान नीति बरकरार रहेगी, क्योंकि यह राष्ट्र और हमारी संस्था दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बीसीसीआई मानता है कि कुछ नाराजगी या अलग-अलग राय हो सकती है, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। ये नीति सभी टीम के सदस्यों, खिलाड़ियों, कोचों, प्रबंधकों, सहायक कर्मचारियों और इसमें शामिल सभी लोगों पर समान रूप से लागू होती है और इसे सभी के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।
इसी के साथ उन्होंने कहा कि ये नीति रातों रात नहीं बनाई गई है, ये दशकों से लागू है। हमारे अध्यक्ष रोजर बिन्नी के खेलने के दिनों से और संभवतः उससे भी पहले से।
गौरतलब हो कि बीसीसीआई के नए नियमों के अनुसार, 45 से अधिक दिनों वाले विदेशी दौरे पर खिलाड़ी 14 दिन एक अपने परिवार को साथ रख सकता है। इससे कम दिनों एक दौरे पर प्लेयर को एक सप्ताह तक परिवार को साथ रखने की अनुमति होगी।
IPL 2025 के लिए RCB के साथ जुड़ने पर कोहली ने इस नियम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि लोगों को परिवार की भूमिका समझना बहुत मुश्किल है। जब कोई खिलाड़ी तनावपूर्ण स्थिति में होता है, तो उसके लिए परिवर के साथ होना काफी महत्वपूर्ण होता है। मुझे नहीं लगता है कि लोगों को इसकी अहमियत की समझ है।