Create
Notifications
New User posted their first comment
Advertisement

बीसीसीआई प्रबंधक समिति ने अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को बर्खास्त किया

Naveen Sharma
FEATURED WRITER
Modified 21 Sep 2018
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रबंधक समिति (COA) ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। 30 जनवरी को बोर्ड का काम-काज अपने हाथों में लेने वाली समिति ने पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के द्वारा नियुक्त कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। बीसीसीआई अधिकारियों की नियुक्तियां और कार्यकाल मुख्य कार्यकारी राहुल जोहरी की देखरेख में की जाएगी। पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के से सम्बंधित लोगों की बर्खास्तगी का निर्णय प्रबंधक समित की 1 फरवरी को हुई मीटिंग में लिया गया। इसके अलावा बीसीसीआई में एक केयरटेकर रखने का फैसला भी लिया गया। अन्य मसलों पर बात करते हुए मीटिंग में यह भी तय किया गया कि कोई भी नियुक्ति प्रबंधक समिति (COA) के अनुमोदन के बगैर नहीं होगी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी राहुल जोहरी को अधिकतम चार महीने के अनुबंध पर स्टाफ नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है। यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाया  इसके अलावा बीसीसीआई के टेंडरों के लिए भी प्रबंधक समिति दिशा-निर्देश जारी करेगी. इसमें टीम इंडिया के प्रायोजकों से सम्बंधित टेंडर प्रक्रिया मुख्य है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के संचालन के लिए पूर्व कैग अध्यक्ष विनोद राय की अध्यक्षता में एक बनाई समिति (COA) में कुल चार सदस्यों को रखा है, आईडीएफसी मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम लिमाये, महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान डायना एदुल्जी और इतिहासकार रामचंद्र गुहा अन्य सदस्य हैं। 1 फ़रवरी को हुई इस मीटिंग में बीसीसीआई के वित्त अधिकारी संतोष रांग्नेकर और आईपीएल प्रभारी हेमंग अमिन भी मौजूद रहे। याद हो कि अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने पदों से बर्खास्त किये जा चुके हैं। इसके अलावा कोर्ट ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अंतर्गत नहीं आने वाले अधिकतर अधिकारियों को बोर्ड से हटा दिया है। भ्रष्टाचार को ख़त्म करने की दिशा में लोढा समिति की सिफारिशों के अनुरूप कोर्ट ने अपने निर्णय सुनाये हैं।
Published 06 Feb 2017, 13:49 IST
Advertisement
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now