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क्रिकेट विश्व कप के मेजबान कैसे तय होते हैं?

KR Beda
TOP CONTRIBUTOR
न्यूज़
11.94K   //    14 Jun 2019, 12:34 IST

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आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला 18वां मैच भी बारिश की चपेट में आ गया। इस विश्व कप में अब तक 18 मैच खेले गये जिसमें से 4 मैच बारिश की वजह से रद्द हो गये। लगातार बारिश की वजह से दर्शकों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार बारिश के चलते विश्व कप 2019 के मैच बुरी तरह प्रभावित हो रहे है, जिसके कारण क्रिकेट के धुर प्रशंसक इंग्लैंड और वेल्स को विश्व कप की मेजबानी दिए जाने के लिए आईसीसी की कड़ी आलोचना कर रहे है। सभी फैन्स इंग्लैंड और वेल्स को मेजबानी दिए जाने के आईसीसी के फैसले पर सवाल उठा रहे है। लेकिन इस बात के लिए आयोजकों को दोष देना सही नहीं है, क्योंकि आईसीसी ने 2006 में ही इंग्लैंड और वेल्स को वर्ल्ड कप 2019 के मेजबान के रूप में चुन लिया था। 2007 से 2019 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए आईसीसी ने क्रिकेट के शीर्ष देशों के बोर्ड के साथ मीटिंग कर मेजबानी का फैसला किया था।

आईसीसी ने 1983 में मेजबानी के लिए एक रोटेशनल पॉलिसी बनायी थी, जिसके तहत क्रिकेट के सभी देशों को विश्व कप और अन्य आईसीसी मैचों की मेजबानी दी जाती है। इस नियम के तहत क्रिकेट के सभी देशों को 20 साल में एक बार विश्व कप की मेजबानी का अधिकार होता था। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की शक्तियों और दबाव के चलते इस नियम का कड़ाई से पालन नहीं किया जाता है।

वर्ल्ड कप 2011 की मेजबानी के लिए ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ब्लॉक तैयार था, लेकिन भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की चौकड़ी ने आईसीसी को असाधारण लाभ होने का वादा किया था। जिसके बाद आईसीसी ने शीर्ष टीमों की वोटिंग करवाई जिसमें एशियाई ब्लॉक को 10 वोट मिले, जबकि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ब्लॉक को 3 वोट ही मिले। इस जीत के बाद एशियाई देशों को विश्व कप की मेजबानी मिली।

रोटेशनल पॉलिसी के बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को 2015 विश्व कप की मेजबानी दी गयी जबकि इंग्लैंड को 1999 के बाद 2019 की मेजबानी के अधिकार प्राप्त हुए।

अगर विश्व कप की मेजाबानी के लिए रोटेशनल पॉलिसी का ठीक से पालन किया होता तो ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को 2011 की मेजबानी दी जाती और एशियाई देशों को 2015 की मेजबानी मिलती। लेकिन इंग्लैंड को तब भी विश्व कप 2019 की मेजबानी करने का मौका मिलता।

इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि आईसीसी को विश्व कप की मेजबानी तय करने के लिए रोटेशनल पॉलिसी काफी मदद करती है। अगर आईसीसी इस नीति का पालन करती है तो अफ्रीकन महाद्वीप को 2027 विश्व कप की मेजबानी के अधिकार मिल सकते है।

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