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मैं 21 साल का हूं और 30 साल के व्यक्ति की तरह नहीं सोच सकता: ऋषभ पंत

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लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद ऋषभ पंत को जब विश्वकप के लिए टीम इंडिया के संभावितों में जगह नहीं मिली तो सब हैरान रह गए। इसको लेकर कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट जगत के जानकारों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक चयनकर्ता ने ऋषभ पंत की परिपक्वता को लेकर सवाल उठा दिए थे। ऋषभ को लेकर अक्सर कहा जाता है कि वो तेज तो खेलते हैं लेकिन क्रीज पर आखिरी तक टिककर मैच को जिता नहीं पाते हैं। इस बात को स्वीकार करते हुए ऋषभ ने कहा कि कोई भी चीज एक रात में नहीं बदलती है। समय के साथ मुझ में भी परिपक्वता आ जाएगी।

ऋषभ पंत ने कहा कि मैं किसी भी आलोचना को सकारात्मक रूप में लेता हूं। मुझे पता है कि मैच में आखिर तक रहकर टीम को जीत दिलाना बहुत महत्वपूर्ण होता है लेकिन मैं अभी सीखने की प्रक्रिया से गुजर रहा हूं। यह मैं कर सकूं इसकी मेरी तरफ से पूरी कोशिश जारी है। लोग अपने अनुभवों और गलतियों से ही सीख लेते हैं, तभी वह आगे जाकर कामयाब बन पाते हैं। कोई भी चीज एक रात में नहीं बदल सकती है। मैं अभी सिर्फ 21 साल का ही हूं। यह बहुत मुश्किल है कि मैं 30 साल के व्यक्ति की तरह सोच सकूं। हालांकि, इसका अभ्यास करना मैंने शुरू कर दिया है पर कुछ चीजें समय के साथ होती हैं। समय के साथ व्यक्ति में परिपक्वता भी आती है। इसके लिए मुझे थोड़ा समय देना होगा।

ऋषभ पंत से जब उनके नैचुरल टैलेंट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह टर्म सुनने में अच्छा लगता है लेकिन मुझे इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है कि आखिर में नैचुरल टैलेंट होता क्या है। साथ ही यह भी नहीं पता कि इसे कड़ी मेहनत के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है। मुझे इतना पता है कि अगर मुझे अच्छा करना और उच्चस्तरीय क्रिकेट खेलना है तो कड़ी मेहनत करनी होगी। ऐसा किए बिना यह संभव नहीं हो पाएगा। मुझे हमेशा खुद पर ध्यान लगाने के लिए कहा गया है, दूसरों की बातों पर नहीं।

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Edited by Naveen Sharma
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