COOKIE CONSENT
Create
Notifications
Favorites Edit
Advertisement

आईसीसी ने बॉल टैंपरिंग के लिए सजा कड़ी की

18   //    03 Jul 2018, 15:39 IST

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बॉल टैंपरिंग (गेंद से छेड़छाड़) के लिए अब सजा और कड़ी कर दी है। अब कोई भी खिलाड़ी अगर बॉल टैंपरिंग करते हुए पाया जाता है तो उसे 6 टेस्ट मैच या 12 एकदिवसीय मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। पहले बॉल टैंपरिंग करने पर लेवल 2 चार्ज के तहत दोषी खिलाड़ी के ऊपर एक टेस्ट या फिर 2 वनडे मैच का बैन लगाया जाता था। डब्लिन में हुई आईसीसी की सालाना कॉन्फ्रेंस में ये फैसला लिया गया।

पहले गेंद से छेड़छाड़ लेवल 2 के तहत आता था, जिसे अब लेवल 3 के अंतर्गत कर दिया गया है। लेवल 3 का उल्लंघन करने की सजा भी अब कड़ी कर दी गई है। पहले जहां लेवल 3 का उल्लंघन करने पर 8 सस्पेंशन प्वाइंट मिलते थे, जिसके तहत 4 टेस्ट या 8 वनडे का बैन लगता था वहीं अब इस लेवल का उल्लंघन करने पर 12 सस्पेशंन प्वाइंट दिए जाएंगे। वहीं आईसीसी एक नया कानून लेकर आई है जिसके तहत व्यक्तिग टिप्पणी या अभद्र भाषा का इस्तेमाल है। आईसीसी के चीफ एग्जीक्यूटिव डेव रिचर्डसन ने कहा कि हम क्रिकेट में एक सम्मान की भावना पैदा करना चाहते हैं। इसलिए सभी खिलाड़ियों और टीमों को एक दूसरे का सम्मान करना होगा।

आईसीसी लगातार हो रहे बॉल टैंपरिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कड़े सजा के प्रवाधान करना चाहती थी। इसके लिए आईसीसी ने एक आंतरिक पैनल को कहा था कि वो बॉल टैंपरिंग और खिलाड़ियों के साथ होने वाली बदतमीजी के लिए कड़ी से कड़ी सजा का सुझाव दे। अप्रैल में क्रिकेट समिति के चेयरमैन अनिल कुंबले की अध्यक्षता में हुई मीटिंग के बाद लेवल 3 के चार्ज का सुझाव दिया गया था। उन सुझावों पर बैठक में चर्चा हुई और ये फैसला लिया गया।

गौरतलब है हाल के दिनों में बॉल टैंपरिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान गेंद से छेड़छाड़ का दोषी पाए जाने के बाद पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रोफ्ट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अभी ये मामला शांत ही हुआ था कि एक और नई घटना सामने आ गई। वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट मैच में श्रीलंका के कप्तान दिनेश चंडीमल पर बॉल टैंपरिंग का आरोप लगा  हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार कर दिया । इसी वजह से आईसीसी अब इसको लेकर कड़ा कानून लेकर आई है।

Advertisement
Fetching more content...