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आईपीएल 2019: दिल्ली कैपिटल्स के 3 ऐसे खिलाड़ी जिन्हें केकेआर अपनी टीम में शामिल करना चाहती होगी

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ईपीएल 2019 अब समापन की ओर बढ़ चला है क्योंकि प्लेऑफ के नॉकआउट मुकाबले प्रगति पर हैं। मुम्बई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुए पहले क्वालीफायर मुकाबले में जीत हासिल करके मुंबई इंडियंस फाइनल में प्रवेश कर चुकी है, यह कारनामा उन्होंने 5वीं बार किया है। जबकि दिल्ली कैपिटल्स और सनराइज़र्स हैदराबाद के बीच हुए एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स टीम ने जीत हासिल करके दूसरे क्वालीफायर में जगह बना ली है जहां उसे चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबला खेलना है।

आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस टीम हमेशा से ही मजबूत टीम रहीं हैं, जबकि इनके बाद जो सबसे मजबूत टीम है वह है - कोलकाता नाइटराइडर्स। कोलकाता नाइटराइडर्स दो बार आईपीएल का खिताब जीत चुकी है जबकि 6 बार प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। लेकिन इस साल कोलकाता टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। इस टीम को इस सीजन के बीच में लगातार 6 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

शिवम मावी और कमलेश नागरकोटी के चोटिल हो जाने के बाद इस सीजन कोलकाता नाइटराइडर्स की गेंदबाजी बेहद खराब दिखी। न ही उनके तेज गेंदबाज अच्छे फॉर्म में दिखे और न ही इनके स्पिन गेंदबाज अच्छे फॉर्म में दिखे। इसीलिए आज हम आपको दिल्ली कैपिटल्स टीम के 3 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे कोलकाता नाइटराइडर्स अपने टीम में जरूर शामिल करना चाहती होगी।

#3. कीमो पॉल:

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कोलकाता की टीम बीच के ओवरों में गेंदबाजी करने के लिए पूरी तरह से कुलदीप यादव, सुनील नारेन और पियूष चावला पर निर्भर थी। सभी स्पिनर इस सीजन फ्लॉप साबित हुए। टीम के कोच जैक कैलिस ने इसका कारण बताया कि इस सीजन इडेन गार्डन्स की पिच स्पिनरों के लिए मददगार नहीं थी। कैरिबियाई तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कीमो पॉल ने इस सीजन दिल्ली कैपिटल्स की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया है।

कीमो पॉल ने इस सीजन 6 मैचों में खेलते हुए 6 विकेट चटकाए हैं जबकि उनकी इकोनॉमी 7.5 रन प्रति ओवर की रही है। कीमो पॉल कोलकाता की टीम की खराब गेंदबाजी पक्ष को मजबूती दिला सकते थे।

#2. कगिसो रबाडा:

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जैसा कि हमने पहले ही बता दिया है कि कोलकाता नाइटराइडर्स टीम की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी खराब गेंदबाजी रही है। कोलकाता टीम के गेंदबाज डेथ ओवरों में फ्लॉप साबित हुए। टीम के कप्तान दिनेश कार्तिक ने कभी-कभी पियूष चावला और नीतीश राणा से डेथ ओवरों में गेंदबाजी कराई जबकि अधिकतम समयों में उन्होंने लोकी फर्ग्यूसन, हैरी गर्नी और आंद्रे रसेल को आजमाया लेकिन सभी गेंदबाज फ्लॉप ही साबित हुए। केकेआर को डेथ ओवरों में गेंदबाजी करने वाले विशेषज्ञ गेंदबाज की बहुत जरूरत थी। जिसके लिए दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा उपयुक्त साबित होते।

दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने दिल्ली कैपिटल्स को प्लेऑफ में पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने 12 मैचों में 14.72 की औसत से कुल 25 विकेट चटकाए। इस दौरान उनकी गेंदबाजी इकोनॉमी 7.82 रन प्रति ओवर की रही। कोलकाता नाइटराइडर्स फ्रेंचाइजी ये हमेशा सोचती होगी कि कगिसो रबाडा उनकी टीम का हिस्सा हों।

#1. इशांत शर्मा:

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कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान दिनेश कार्तिक कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा से गेंदबाजी की शुरुआत कराते थी। उन्हें पिछले सीजन मिचेल स्टार्क की जगह टीम में शामिल किया गया था। प्रसिद्ध कृष्णा ने पिछले सीजन अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया लेकिन इस सीजन वो अपनी छाप छोड़ने में नाकामयाब रहे। प्रसिद्ध कृष्णा इस सीजन 11 मैचों में सिर्फ 4 विकेट ही ले सके। इसके विपरीत दिल्ली कैपिटल्स की ओर से आईपीएल में दोबारा वापसी कर चुके इशांत शर्मा ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है।

इशांत शर्मा दिल्ली कैपिटल्स की ओर से गेंदबाजी की शुरुआत करते थे। उन्होंने इस सीजन 12 मैचों में 27.08 की औसत से 12 विकेट चटकाए हैं जबकि उनकी इकोनॉमी 7.78 रन प्रति ओवर की रही है। इशांत शर्मा ने इस सीजन दिल्ली कैपिटल्स के लिए पावरप्ले में कीमती विकेट भी निकाले हैं। इशांत शर्मा को अगर इस सीजन ऑक्शन में कोलकाता नाइटराइडर्स टीम ने खरीद लिया होता तो आज उनकी स्थिति कुछ और होती।

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Edited by सावन गुप्ता
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