श्रेयस अय्यर और इशान किशन को मिला पूर्व भारतीय ऑलराउंडर का समर्थन, हार्दिक पांड्या का उदाहरण देकर कही बड़ी बात

इशान किशन और श्रेयस अय्यर (Photo Courtesy: Twitter)
इशान किशन और श्रेयस अय्यर (Photo Courtesy: Twitter)

बुधवार, 28 फरवरी को बीसीसीआई (BCCI) ने साल 2023-24 के लिए वार्षिक अनुबंध की लिस्ट का खुलासा किया, जिसमें श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) और इशान किशन (Ishan Kishan) का नाम नहीं है। बोर्ड के इस फैसले से कई लोग सहमत नजर आये लेकिन कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है, जिसमें अब इरफ़ान पठान (Irfan Pathan) का नाम भी शामिल हो गया है। इरफ़ान ने हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) का उदाहरण देकर कहा कि क्या उनके जैसे खिलाड़ी जिन्होंने सीमित ओवरों की क्रिकेट को अपनी प्राथमिकता बना लिया है, राष्ट्रीय टीम के लिए ना खेलने पर घरेलू क्रिकेट खेलेंगे।

दरअसल, हाल ही में ख़बरें आईं थी कि बीसीसीआई ने श्रेयस अय्यर और इशान किशन को रणजी ट्रॉफी में जाकर खेलने की बात कही थी लेकिन इन दोनों ने अलग-अलग कारणों से ऐसा नहीं किया। अब बीसीसीआई ने इनके खिलाफ एक्शन लिया और अनुबंध लिस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया। हालाँकि, इस फैसले को लेकर काफी बवाल हो रहा है, क्योंकि हार्दिक पांड्या को A ग्रेड में रखा गया है, जो काफी समय से घरेलू क्रिकेट में नहीं खेले हैं और ज्यादातर समय चोटिल होने के कारण राष्ट्रीय टीम के लिए भी अधिक समय तक उपलब्ध नहीं रहे।

इरफ़ान पठान ने बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (ट्विटर) पर लिखा,

श्रेयस और इशान दोनों ही प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि वे वापसी करेंगे और मजबूती से वापसी करेंगे। यदि हार्दिक जैसे खिलाड़ी लाल गेंद क्रिकेट नहीं खेलना चाहते हैं, तो क्या उन्हें और उनके जैसे अन्य लोगों को राष्ट्रीय ड्यूटी पर नहीं होने पर सफेद गेंद वाले घरेलू क्रिकेट में भाग लेना चाहिए? यदि यह सभी पर लागू नहीं होता है, तो भारतीय क्रिकेट मनचाहे परिणाम प्राप्त नहीं कर पाएगा।

गौरतलब हो कि बीसीसीआई ने मौजूदा सीजन में जिन खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया है, उनको लेकर कहा है कि फिट होने और राष्ट्रीय टीम के लिए ना खेलने पर घरेलू क्रिकेट अवश्य खेलें। अब देखना होगा कि इस फैसले का क्या असर पड़ता है।

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Edited by Prashant Kumar