टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों द्वारा अपनाए जा रहे धुंआधार बल्लेबाजी के रवैये पर केविन पीटरसन ने दिया बड़ा बयान

England v India - Fifth LV= Insurance Test Match: Day Two
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टेस्ट क्रिकेट को काफी धैर्य का खेल माना जाता है और क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में बल्लेबाजों द्वारा काफी संयम दिखाने की उम्मीद की जाती है। हालांकि, आज के समय में टेस्ट क्रिकेट में भी बल्लेबाज आक्रामक बल्लेबाजी का रवैया अपना रहे हैं। टी20 क्रिकेट के बढ़ते दौर के बीच टेस्ट क्रिकेट में भी टीमें धुआंधार बल्लेबाजी करने लगी हैं। खासतौर से इंग्लैंड क्रिकेट टीम की तरफ से टेस्ट में बेहद आक्रामक बल्लेबाजी देखने को मिल रही है। इस पर पूर्व इंग्लिश बल्लेबाज केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पीटरसन ने लिखा,

टेस्ट मैच में लगाए गए शतक को काफी ज्यादा महत्व दिया जाता है क्योंकि इस दौरान हर बल्लेबाज अपने विकेट को बचाने के लिए काफी जिम्मेदारी दिखाता है और काफी महत्व देता है। मुझे डर है कि आज के समय जब बल्लेबाज बेहद आक्रामक बल्लेबाजी का रवैया अपना रहे हैं तो वे अपने विकेट के महत्व को कम कर रहे हैं और इस नई तकनीक के पीछे खुद को छिपा रहे हैं।

बेयरस्टो ने लगातार खेली हैं धुंआधार पारियां

हालिया समय में इंग्लैंड द्वारा काफी आक्रामक खेल देखने को मिला है। न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई टेस्ट सीरीज में इंग्लिश बल्लेबाजों ने मैच जीतने के लिए फटाफट अंदाज में बल्लेबाजी की थी। खास तौर से जॉनी बेयरस्टो ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की थी और सीरीज में दो शतक लगाए थे। बेयरस्टो ने सीरीज के तीन मैचों में तीसरे सर्वाधिक 394 रन बनाए थे और इस दौरान उनका स्ट्राइक-रेट 120 से अधिक का रहा था।

सीरीज के तीसरे मैच में बेयरस्टो ने 157 गेंदों में धुंआधार 162 रनों की पारी खेली थी। दूसरे मैच में तो उन्होंने अपने दम पर इंग्लैंड को अंतिम दिन शानदार जीत दिलाई थी। 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 50 ओवरों में मैच जीता था और इसमें बेयरस्टो ने 92 गेंदों में 136 रनों की पारी खेली थी।

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Edited by निशांत द्रविड़