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"मुझे लगता है कि जोस बटलर सफेद गेंद कप्तान बनने के करीब हैं," पूर्व कप्तान का बयान

माइकल वॉन ने जोस बटलर को इयोन मॉर्गन का उत्तराधिकारी बताया
माइकल वॉन ने जोस बटलर को इयोन मॉर्गन का उत्तराधिकारी बताया
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Prashant Kumar

माइकल वॉन ने सफ़ेद गेंद की क्रिकेट में इयोन मोर्गन (Eoin Morgan) के बाद कप्तानी के लिए जोस बटलर (Jos Buttler) को दावेदार बताया है। वॉन ने बटलर के निराशाजनक रिटर्न पर भी विचार व्यक्त किये, और उनका मानना है कि बटलर टेस्ट प्रारूप में सफल होने के लिए सही लय नहीं खोज पा रहे हैं।

बटलर मौजूदा एशेज सीरीज की आठ पारियों में चार टेस्ट में केवल 107 रन ही बना पाए हैं। इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 39 रन का रहा और वह लगातार असफल हुए। बतौर विकेटकीपर भी उनकी कीपिंग सवालों के घेरे में रही और उन्होंने कई मौकों पर कैच ड्राप किये।

द टेलीग्राफ के लिए अपने कॉलम में, वॉन ने नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप से पहले मोर्गन को इंग्लैंड के सफेद गेंद वाले कप्तान के रूप में रिप्लेस करने के लिए बटलर का समर्थन किया है। इस संबंध में उन्होंने ने लिखा,

मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि वह सफेद गेंद की कप्तानी विरासत में लेने के बहुत करीब है। अगर इयोन मोर्गन इस समर में फॉर्म में नहीं लौटते हैं, तो उन्हें बरक़रार रखें, लेकिन यदि फॉर्म नहीं हासिल करते तो नवंबर में टी20 वर्ड कप के लिए जोस को कप्तान बनाएं। उन्हें अपने तरह से टीम को लीड करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए, जिस तरह मोर्गन को पिछले छह महीनों में दी गयी। एक कीपर के रूप में तीनों प्रारूपों में खेलना मुश्किल है।

इंग्लैंड के मौजूदा सफ़ेद गेंद के कप्तान इयोन मोर्गन का पिछले काफी समय से बल्ले के साथ निराशाजनक प्रदर्शन ही देखने को मिला है। 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में भी वह बल्ले के साथ नाकाम साबित हुए थे। उन्होंने 6 मैचों में महज 68 रन का योगदान दिया था।

टेस्ट क्रिकेट में टॉप कीपर बनने के लिए बहुत अधिक प्रयास करना पड़ता है - माइकल वॉन

माइकल वॉन ने टेस्ट में बटलर की विफलता के लिए उनकी बल्लेबाजी शैली में स्पष्टता न होना बताया। 47 वर्षीय ने बटलर के संघर्ष को तीनों प्रारूपों में खेलने की चुनौती के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होने कहा,

उनका रिकॉर्ड भयानक नहीं है, लेकिन अंततः उन्हें लय को सही करने और यह तय करने में मुश्किल हुई है कि उन्हें किस शैली का बल्लेबाज़ होना चाहिए। उनकी कीपिंग उच्च श्रेणी की नहीं हुई है, लेकिन तीनों प्रारूपों में खेलते समय, हर दिन प्रतिबद्धता निभाना कठिन है। टेस्ट क्रिकेट में टॉप कीपर बनने के लिए बहुत अधिक प्रयास करना पड़ता है।

Edited by Prashant Kumar
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