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मिस्बाह उल हक़ ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में खेले गए स्कूप शॉट को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया 

मिस्बाह उल हक़ का स्वीप शॉट उनके लिए काफी भारी पड़ा था
मिस्बाह उल हक़ का स्वीप शॉट उनके लिए काफी भारी पड़ा था

2007 टी20 वर्ल्ड कप में खेला गया मिस्बाह उल हक़ का शॉट भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों को अच्छी तरह से याद होगा। इस शॉट ने एक देश को खुशी दी, तो दूसरे देश को निराशा मिली थी। अपने इस शॉट को लेकर पूर्व पाकिस्तानी कप्तान को आज भी मलाल है। इस शॉट पर वह आउट हो गए थे और भारत ने 5 रन से फाइनल जीतते हुए इतिहास रच दिया था।

Flashback to the T20 World Cup 2007, Misbah blistering innings with one wrong shot of scoop. How many of you have seen this nail biting final Live back in 2007? 💯https://t.co/5ITMvieSgh

पाकिस्तान को आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी और शुरूआती दो गेंदों में 7 रन आ गए थे। अब पाक को अगली चार गेंदों में 6 रन की जरूरत थी लेकिन जोगिन्दर शर्मा के ओवर की तीसरी गेंद पर स्कूप खेलते हुए मिस्बाह गेंद हवा में मार बैठे और शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े श्रीसंत ने कैच पकड़ते हुए भारत की जीत पक्की कर दी।

शोएब अख्तर के यूट्यूब चैनल पर अख्तर, मोहम्मद यूसुफ़ के बात करते हुए मिस्बाह ने कहा,

2007 में, मैं हमेशा कहता हूं कि हर मैच के दौरान, मैंने उस शॉट को खेलते हुए इतने चौके लगाए। यहां तक कि फाइन लेग के साथ भी, मैं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस शॉट को खेलते हुए सिंगल ले रहा था। स्पिनरों के खिलाफ मैं उस शॉट से फाइन लेग को मात दे रहा था। तो, आप कह सकते हैं कि मुझे अति आत्मविश्वास हो गया है। मैंने उस शॉट को गलत टाइम किया, जिस पर मुझे सबसे ज्यादा भरोसा था।

2011 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मुकाबले को लेकर भी मिस्बाह ने दी प्रतिक्रिया

जीत के बाद जश्न मनाते भारतीय खिलाड़ी
जीत के बाद जश्न मनाते भारतीय खिलाड़ी

पाकिस्तानी दिग्गज ने 2011 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ खेले गए मुकाबले को लेकर भी बात की। इस मैच में भारतीय टीम ने 261 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए जीत दर्ज की थी।

उन्होंने स्वीकार किया कि पुरानी गेंद के खिलाफ मोहाली के मैदान में बल्लेबाजी मुश्किल थी तथा अंतिम के ओवरों में उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा,

पूरे वर्ल्ड कप में, हम अंत में बल्लेबाजी पावरप्ले में अच्छा स्कोर कर रहे थे। सोचा था कि भले ही हमें अंतिम 10 ओवर में 100 रन चाहिए, हमारे पास पांच ओवर का बल्लेबाजी पावरप्ले था। अगर हमारे हाथ में विकेट होते, हम इसे आसानी से पीछा कर सकते थे। मैं पावरप्ले के अंतिम पांच ओवरों में अकेला खड़ा था और मुझे केवल 2 ओवर खेलने को मिले। हम 20-22 रन से खेल हार गए और मैंने पावरप्ले के तीन ओवर बिल्कुल नहीं खेले। दूसरे छोर पर कोई भी बल्लेबाज नहीं था।

261 के टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तान 231 के स्कोर पर सिमट गया। टीम के लिए मिस्बाह उल हक़ ने 76 गेंदों में सर्वाधिक 56 रन बनाए थे।

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Edited by Prashant Kumar
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