प्रवीण की योग्यता, वरुण की गति ने किया प्रभावित
![Praveen Kumar](https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg?w=190 190w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg?w=720 720w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg?w=640 640w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg?w=1045 1045w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg?w=1200 1200w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg?w=1460 1460w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg?w=1600 1600w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/aad05-15469510419359-800.jpg 1920w)
इसी दौर में प्रवीण कुमार, विनय कुमार, वरुण एरोन और पंकज सिंह जैसे गेंदबाजों ने भी समय-समय पर प्रभावित किया। प्रवीण कुमार गति कम होने के बावजूद गेंद से कलाकारी करने में माहिर थे जो उन्हें अन्य गेंदबाजों से अलग बनाता था। पंकज सिंह सालों से घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन करते रहे लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका काफी देर से मिला जिसका वे फायदा नहीं उठा सके।
![Pankaj Singh](https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg?w=190 190w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg?w=720 720w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg?w=640 640w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg?w=1045 1045w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg?w=1200 1200w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg?w=1460 1460w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg?w=1600 1600w, https://statico.sportskeeda.com/editor/2019/01/e35ca-15469520919641-800.jpg 1920w)
विनय कुमार कुछ समय के लिए चमक बिखेरकर वापस घरेलू क्रिकेट में लौट गए। वरुण एरोन ने गति से प्रभावित किया लेकिन चोटों ने उनके करियर से खिलवाड़ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 2011 में आए उमेश यादव अभी भी असरदार हैं और टीम के लिए कई मौकों पर उपयोगी साबित हो रहे हैं। इसके अलावा 2013 में मोहम्मद शमी के रूप में टीम को बेहद अनुशासित और योग्य तेज गेंदबाज मिला। इसी दौरान भुवनेश्वर कुमार ने भी अपनी गति और लाइन लैंग्थ से काफी प्रभावित किया।