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ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेटर को IPL में 10 साल से नहीं मिला बकाया वेतन, BCCI से किया सवाल

ब्रेड हॉज
ब्रैड हॉज
Vivek Goel
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पूर्व क्रिकेटर ब्रैड हॉज ने खुलासा किया है किकोच्चि टस्‍कर्स के साथ उनके कार्यकाल के दौरान बीसीसीआई पर उनका पैसा बकाया है। ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेटर ने अब खत्‍म हो चुकी फ्रेंचाइजी के लिए 2011 में एकमात्र सीजन खेला था।

ब्रैड हॉज ने ट्विटर पर सनसनीखेज दावा किया जब उन्‍होंने टेलीग्राफ क्रिकेट के लेख पर जवाब दिया, जिन्‍होंने खुलासा किया भारतीय महिला क्रिकेटरों को इनामी राशि नहीं मिली, जो 2020 टी20 विश्‍व कप का बकाया है।

टेलीग्राफ क्रिकेट की एक रिपोर्ट ने हाल ही में खुलासा किया था कि बीसीसीआई ने महिला क्रिकेटरों को आईसीसी इवेंट की बकाया राशि नहीं चुकाई है। प्रकाशक ने खुलासा किया कि स्‍क्‍वाड की किसी भी सदस्‍य को रकम नहीं मिली, जबकि प्रत्‍येक को 3,000 यूएस डॉलर दिए जाना थे।

इस रिपोर्ट के बाद क्रिकेट जगत में खलबली मची और कई लोगों ने बीसीसीआई को लताड़ा कि वह पुरुष और महिला क्रिकेट में भेदभाव करता है। इस खबर के वायरल होने के बाद बीसीसीआई के वरिष्‍ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस सप्‍ताह के अंत तक खिलाड़‍ियों को उनकी बकाया राशि चुका दी जाएगी। अधिकारी ने वेतन में देरी होने का कारण कोविड-19 महामारी को बताया।

शुरूआती खबर पर रिएक्‍ट करते हुए ब्रैड हॉज ने खुलासा किया कि आईपीएल 2011 मेंकोच्चि टस्‍कर्स केरला का प्रतिनिधित्‍व करते हुए खिलाड़‍ियों को 35 प्रतिशत राशि चुकाई जाना बाकी थी। ऑस्‍ट्रेलियाई खिलाड़ी ने पूछा कि बीसीसीआई बकाया राशि खिलाड़‍ियों के अकाउंट में ट्रांसफर करेगी। हॉज ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कोच्चि टस्कर्स से खेलने वाले खिलाड़ियों को 10 साल पहले की बकाया 35 फीसदी राशि अब तक नहीं मिली है। बीसीसीआई इस बारे में पता लगा सकता है।'

ब्रैड हॉज आईपीएल की शुरूआत से सात सीजन तक लीग का हिस्‍सा रहे। उन्‍होंने केकेआर, कोच्चि और राजस्‍थान रॉयल्‍स का प्रतिनिधित्‍व किया। ऑलराउंडर ने 66 मैचों में 1400 रन और 17 विकेट लिए।

ब्रैड हॉज एकमात्र सीजन के लिए कोच्चि टीम का हिस्‍सा रहे

विवादित फ्रेंचाइजी केवल एक सीजन में आईपीएल का हिस्‍सा रही। उसने 2011 में टी20 लीग में हिस्‍सा लिया था। शुरूआत से ही कोच्चि टस्‍कर्स ने गलत कारणों से सुर्खियां बटोरी, जिसमें अंदर ही अंदर शेयरधारकों के बीच लड़ाई की बात भी होती रही।

फ्रेंचाइजी को एक सीजन के बाद ही टर्मिनेट कर दिया गया और बीसीसीआई ने दावा किया कि फ्रेंचाइजी बैंक गारंटी देने में विफल रही। बोर्ड ने फिर विदेशी खिलाड़‍ियों को सलाह दी कि वह मालिकों पर आरोप लगाए क्‍योंकि मामला कोर्ट में जाना तय था।


Edited by Vivek Goel
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