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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम की वनडे में क्लीन स्वीप की हार पर अभिनव मुकुंद ने दी प्रतिक्रिया 

भारतीय बल्लेबाजों का लगातार विकेट गिरने का सिलसिला एक बड़ा मुद्दा रहा
भारतीय बल्लेबाजों का लगातार विकेट गिरने का सिलसिला एक बड़ा मुद्दा रहा

सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद (Abhinav Mukund) ने कहा है कि भारतीय टीम को लगातार विकेट खोने की आदत को सुधारना होगा, जो कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ (IND vs SA) हार की सबसे अहम वजह रही। भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीनों ही वनडे में हार मिली। 7 टेस्ट मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी मुकुंद ने बताया कि प्रोटियाज से 3-0 से सीरीज हारने में मेहमान टीम के लिए लगातार विकेट खोने का अहम योगदान रहा।

अपने यूट्यूब चैनल पर वनडे सीरीज का रिव्यु करते हुए मुकुंद ने कहा कि भारतीय टीम के स्पिनर जहां विकेट लेने में नाकाम रहे। वहीं मेजबान टीम के स्पिनरों ने भारतीय टीम के बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। उन्होंने कहा,

कई लोगों ने भारतीय स्पिनरों के खराब प्रदर्शन के बारे में बात की है और उन बयानों में कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने भी अच्छी तरह से स्पिन नहीं खेला। ये दोनों चीजें साथ-साथ चलती रही क्योंकि जब उनके स्पिनरों ने अच्छी गेंदबाजी की तो हम स्ट्राइक रोटेट करने और बॉउंड्री लगाने में नाकाम रहे। भारतीय टीम की हार का मुख्य कारण स्पिनरों का विकेट ना ले पाना रहा है। दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों ने 65 ओवर फेंके और 327 रन देते हुए 9 विकेट लिए। वहीं भारतीय स्पिनरों ने 62 ओवर फेंके और 343 रन खर्च किये और मात्र 3 विकेट ही ले सके। यह एक बड़ी समस्या थी क्योंकि आपको बीच के ओवरों में साझेदारी तोड़नी होती है। जब विकेट निकालने की जरूरत थी, तो वे कप्तान केएल राहुल को विकेट निकालकर नहीं दे सके।

बीच के ओवर में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने बेहतर खेल दिखाया - अभिनव मुकुंद

मुकुंद ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज 25 से 40 ओवर के बीच के खेल में हावी रहे, जबकि इसके विपरीत, मेन इन ब्लू के बल्लेबाज उस स्टेज के दौरान अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने आंकड़ों को बताते हुए कहा,

इस हार को गंभीरता से लेना चाहिए। भारत को इस बात पर गर्व है कि कैसे वे स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करते हैं और बीच के ओवरों में कैसे मजबूत होते हैं। बीच के ओवरों की बात करें तो यह कहना होगा कि इस फेज में दक्षिण अफ्रीका पूरी तरह से हावी था। बस 11 और 40 के बजाय 25 और 40 ओवर के बीच को देखिये दक्षिण अफ्रीका ने (पूरी श्रृंखला में) सिर्फ चार विकेट खोकर 273 रन बनाए। भारत ने उसी 25-40 ओवर के फेज में 12 विकेट खोकर सिर्फ 225 रन बनाए। इसलिए दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज निश्चित रूप से उस फेज में में हावी थे।

इसके अलावा आखिरी वनडे में शानदार प्रदर्शन करने वाले दीपक चाहर को सराहा और उन्हें ऑलराउंडर के दृष्टिकोण से भारत के लिए एक अच्छा खिलाड़ी बताया।

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Edited by Prashant Kumar
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