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"सुरेश रैना मेरी जिंदगी में भगवान की तरह आए", युवा क्रिकेटर ने किया बड़ा खुलासा

कार्तिक त्‍यागी को आगे बढ़ने में सुरेश रैना ने काफी मदद की
कार्तिक त्‍यागी को आगे बढ़ने में सुरेश रैना ने काफी मदद की

टीम इंडिया (India Cricket team) के पूर्व ऑलराउंडर सुरेश रैना (Suresh Raina) को टीम मैन कहा जाता था। रैना को खिलाड़‍ियों में जोश भरने के लिए जाना जाता था। वो शानदार फील्‍डर थे, जो मैदान में डाइव लगाकर कई रन रोकते थे व कठिन कैच पकड़ने में भी वो लाजवाब माने जाते थे।

रैना ऐसे खिलाड़ी थे, जो हर गेंदबाज और फील्‍डर का उत्‍साह बढ़ाते थे। टीम को रैना की कहीं भी जरूरत पड़े, वो इसे पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। वो ऊपरीक्रम पर बल्‍लेबाजी कर लें, जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी कर लें।

मैदान के बाहर भी रैना ने युवाओं को आगे बढ़ाने में कभी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। इसका एक उदाहरण सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज कार्तिक त्‍यागी ने दिया। त्‍यागी को 2020 अंडर-19 विश्‍व कप से पहचान मिली, जहां वो भारत की तरफ से सबसे ज्‍यादा (11) विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बने थे।

इसी साल उन्‍हें आईपीएल नीलामी में 20 लाख रुपए में राजस्‍थान रॉयल्‍स ने खरीदा और ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज के लिए उनका नाम भारतीय टीम में भी आया।

हालांकि, त्‍यागी ने ध्‍यान दिलाया कि वो क्रिकेट में सुरेश रैना के योगदान के बिना आगे नहीं बढ़ पाते। त्‍यागी को इस साल सनराइजर्स हैदराबाद ने 4 करोड़ रुपए में खरीदा।

फ्रेंचाइजी के एक वीडियो में कार्तिक त्‍यागी ने कहा, 'मैं हमेशा एक चीज कहता हूं। अंडर-16 के बाद सुरेश रैना मेरी जिंदगी में भगवान की तरह आए क्‍योंकि जब मेरा चयन रणजी ट्रॉफी के लिए हुआ तो लोगों ने मुझे पहचाना। जब मैं 13 साल का था तो मैंने अंडर-14 ट्रायल्‍स दिए और यहीं से मेरी क्रिकेट यात्रा की शुरूआत हुई।'

त्‍यागी ने आगे कहा, 'मैंने अंडर-14 टीम के लिए खेलना शुरू किया और फिर अंडर-16 में मेरा चयन हुआ। अंडर-16 में मैंने एक सीजन में केवल 7 मैचों में 50 विकेट लिए थे। तब चयनकर्ताओं ने नोटिस किया कि एक गेंदबाज है, जो राज्‍य स्‍तर पर काफी विकेट ले रहा है। कई विकेट लेने के बावजूद, हम फाइनल्‍स में पहुंचे थे लेकिन हार गए। तब ज्ञानेंद्र सर ने मुझे परखा और कहा कि मेरे प्रदर्शन से वो प्रभावित हैं और वो मुझे आगे बढ़ने में मदद करेंगे।'

कार्तिक त्‍यागी ने आगे कहा, 'वहां से मैं राज्‍य के रणजी ट्रॉफी कैंप पहुंचा। जब मैं पहुंचा तो 16 साल का युवा था जबकि अन्‍य सभी स्‍थापित खिलाड़ी थे। एक ऐसा वाकया है जब सुरेश रैना भी आए थे। मैं तब बहुत शांत रहता था और चीजों को ऑब्‍जर्व करता था।'

त्‍यागी ने कहा, 'रैना भैया प्रैक्टिस के बाद जाने वाले थे। मगर मुझे नहीं पता कि वो दोबारा इस मैदान पर क्‍यों आए। उन्‍होंने फिर मुझसे बात की और पूछा कि टीम में मेरी क्‍या भूमिका है। मैंने उन्हें बताया कि गेंदबाज हूं। फिर उन्‍होंने मुझे नेट्स पर गेंदबाजी करने के लिए बुलाया। उन्‍होंने मेरा प्रदर्शन देखा और कहा कि मुझे तुम्‍हारी गेंदबाजी पसंद आई और मैं भरोसा दिलाता हूं कि तुम्‍हें भविष्‍य में मौके दिलवाऊंगा।'

त्‍यागी ने कहा, 'निजी तौर मेरे लिए यह बड़ी बात थी कि सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी ने मेरे प्रदर्शन पर ध्‍यान दिया। मैं थोड़ा हैरान था कि इतने बड़े खिलाड़ी ने मेरी तारीफ की। मुझे लगा कि वो मजाक कर रहे हैं। जब उन्‍होंने कहा कि मैं अच्‍छा कर रहा हूं, तो मुझे विश्‍वास नहीं हुआ कि आने वाले दिनों में मुझे खेलने का मौका मिलेगा।'

तेज गेंदबाज ने कहा, 'इसके बाद मेरे लिए आश्‍चर्य की बात थी कि मेरा नाम यूपी रणजी टीम के लिए शॉर्ट लिस्‍ट हुआ। मेरा रणजी करियर वहां से शुरू हुआ और बाद में अंडर-19 टीम में मेरा चयन हुआ।'

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Edited by Vivek Goel
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