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"ज्‍यादा सोचना नहीं, अपने चार का कोटा खत्‍म कर और चिल कर", युजी ने याद की धोनी की अहम सलाह

एमएस धोनी और युजवेंद्र चहल के बीच मैदान के बाहर भी काफी मजबूत रिश्‍ता है
एमएस धोनी और युजवेंद्र चहल के बीच मैदान के बाहर भी काफी मजबूत रिश्‍ता है

भारतीय टीम (India Cricket team) के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने खुलासा किया कि 2018 में उनके सबसे महंगे टी20 इंटरनेशनल स्‍पेल के दौरान पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी (MS Dhoni) से एक महत्‍वपूर्ण सलाह क्‍या मिली थी।

यह मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में खेला गया था, जहां चहल ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए थे और एक भी विकेट नहीं ले सके थे। हेरनिच क्‍लासेन ने 30 गेंदों में सात छक्‍के की मदद से 69 रन बनाए थे, जिनकी पारी की बदौलत प्रोटियाज टीम ने 18.4 ओवर में 189 रन का लक्ष्‍य हासिल कर लिया था।

यह भारतीय गेंदबाज द्वारा टी20 इंटरनेशनल प्रारूप में सबसे महंगा गेंदबाजी स्‍पेल था जबकि दुनिया का 10वां सबसे महंगा गेंदबाजी स्‍पेल था।

रविचंद्रन अश्विन के साथ उनके यूट्यूब शो डीआरएस विथ एश पर बातचीत करते हुए चहल ने बताया कि वह ओवरों के बीच में एमएस धोनी से कुछ रणनीति की उम्‍मद कर रहे थे। इसके बजाय विकेटकीपर ने आकर कहा कि चहल का आज दिन नहीं है। उन्‍होंने चहल को कहा कि आराम से अपने ओवर पूरे कर और चिल कर।

चहल ने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच में मेरे चार ओवर में 64 रन गए थे। क्‍लासेन मैदान के सभी कोनों में मेरी धुनाई कर रहा था। माही भाई ने मुझे राउंड द विकेट आने को कहा। मैंने किया और क्‍लासेन ने मिडविकेट की सबसे लंबी बाउंड्री पर छक्‍का जमा दिया। फिर माही भाई मेरे पास आए। मैंने पूछा- हां माही भाई अब क्‍या करना है। उन्‍होंने कहा- कुछ नहीं, मैं तो वैसे आ गया तेरे पास। मुझे पता है कि आज तेरा दिन नहीं है। तूने कोशिश की, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। ज्‍यादा सोचना नहीं, अपने चार का कोटा खत्‍म कर और चिल कर।'

माही भाई से सीखने को मिला: युजवेंद्र चहल

चहल ने बताया कि इस घटना से उन्‍हें अंतरराष्‍ट्रीय करियर के अच्‍छे-बुरे पल का एहसास हुआ और साथ ही जानने को मिला कि एक गेंदबाज को इस तरह की स्थिति में कैसे रिएक्‍ट करना चाहिए।

युजवेंद्र चहल ने कहा, 'अगर उस समय कोई आपको डांट देता तो आपका विश्‍वास गिर जाता। मगर उन्‍होंने मुझे कहा कि यह सिर्फ एक मैच है। उन्‍होंने कहा, 'तुमने वनडे में अच्‍छा प्रदर्शन किया। तुम हर मैच में अच्‍छा नहीं कर सकते हो। अन्‍य लोग भी खेल रहे हैं।' मुझे भी एहसास हुआ कि क्रिकेट में कभी आप अच्‍छा करते हो तो कभी आपका दिन नहीं होता। मैंने यह भी सीखा कि जब आपका दिन नहीं हो तो आपको ज्‍यादा कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय किफायती गेंदबाजी करें और दबाव बनाकर अन्‍य लोगों को विकेट लेने दो।'

एमएस धोनी ने भारत के लिए 538 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्‍होंने 2020 में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास लिया। धोनी के जाने के बाद से कुलदीव यादव और युजवेंद्र चहल के प्रदर्शन में गिरावट दर्ज हुई है।

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Edited by Vivek Goel
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