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क्या युवराज सिंह 2019 वर्ल्ड कप खेल पाएंगे?

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8.74K   //    22 Oct 2018, 17:47 IST

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पिछले 15 सालों में भारतीय टीम ने एक टी20 और एक 50 ओवर का विश्वकप जीता है और दोनों में बाएं हाथ के तूफानी बल्लेबाज युवराज सिंह ने उम्दा प्रदर्शन किया। 2007 में दक्षिण अफ्रीका में हुए विश्वकप के दौरान युवराज सिंह ने अपने बल्ले से जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 6 मैचों में 148 रन बनाए, इसमें दो अर्धशतक शामिल थे। इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंद में फिफ्टी के अलावा उन्होंने लगातार 6 गेंदों पर छह छक्के जड़े थे। 2011 विश्वकप में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से उम्दा खेल दिखाया। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के बाद भी वे खेलते रहे और कप जीतने के बाद इलाज के लिए गए।

भारत में खेले गए 2011 विश्वकप में उन्होंने 9 मैचों में 362 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 4 अर्धशतक और एक शतक भी जमाया। गेंदबाजी में उन्होंने 15 विकेट झटके और मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट चुने गए। इस तरह धाकड़ प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी आज भारतीय टीम से बाहर चल रहा है। 2019 विश्वकप के लिए सभी क्रिकेट बोर्ड आईसीसी को 30 संभावित सदस्यों की सूची देते हैं लेकिन इसमें युवराज सिंह का नाम आना मुश्किल लग रहा है। मंगलवार से शुरू हो रही देवधर ट्रॉफी में भारत की ए, बी और सी टीमें खेल रही है और बीसीसीआई ने इसके लिए तीन टीमों में 45 खिलाड़ियों का चयन किया है लेकिन युवराज सिंह को शामिल नहीं किया है।

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सुरेश रैना और आर अश्विन भी देवधर ट्रॉफी में खेलेंगे लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में 264 रन बनाने वाले युवी को शामिल नहीं करना उन्हें 2019 विश्वकप की टीम में नहीं चुनने की तरफ इशारा करता है।

सीधे शब्दों में कहें, तो घरेलू वन-डे टूर्नामेंट में नहीं खेलने के बाद युवराज को सीधा विश्वकप के लिए भारतीय टीम में चुनना तो काफी मुश्किल नजर आ रहा है। फॉर्म के साथ ही फिटनेस टेस्ट भी जरुरी चीज है। देवधर ट्रॉफी में भारत के कई ऐसे क्रिकेटर शामिल हैं जिनका नाम आपने पहली बार सुना होगा लेकिन युवराज सिंह को शामिल नहीं करने पर कहा जा सकता है कि उन्हें 2019 की टीम से लगभग बाहर कर दिया गया है।

हालांकि एक साक्षात्कार में युवराज सिंह ने कहा था कि मैं 2019 तक क्रिकेट खेलूंगा तथा बाकी चीजें चयनकर्ताओं के हाथ में होगी। इससे साफ़ तौर पर यह अर्थ लगाया जाना चाहिए कि युवी भी विश्वकप में खेलने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी जरुरत होगी तब मैं घरेलू क्रिकेट खेलूंगा लेकिन उन्हें देवधर ट्रॉफी की टीम में शामिल नहीं करना कुछ और ही दर्शाता है।


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