"हार्दिक पांड्या को टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए क्योंकि इसी के लिए उन्हें याद किया जायेगा", पूर्व कप्तान का बड़ा बयान 

England v India: Specsavers 4th Test - Day One
England v India: Specsavers 4th Test - Day One

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का मानना है कि हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) को टेस्ट क्रिकेट में वापसी करनी चाहिए क्योंकि यह प्रारूप उन्हें अपना नाम बनाने में मदद करेगा। हार्दिक ने लम्बे समय से टेस्ट प्रारूप से खुद को दूर रखा है और लगभग पिछले एक साल से वह सिर्फ लिमिटेड ओवर्स की क्रिकेट ही खेल रहे हैं।

2017 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले हार्दिक पांड्या ने अपने करियर में अभी तक 11 टेस्ट मुकाबले खेले हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 532 रन आए और गेंद से 17 विकेट भी लिए। वहीं उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।

उसके बाद से उन्हें फिटनेस सम्बन्धी समस्याओं से जूझना पड़ा जिसका प्रभाव उनकी गेंदबाजी पर भी देखने को मिला और वह लम्बे स्पेल डालने में असमर्थ नजर आने लगे थे। फिटनेस की समस्या की वजह से कुछ समय तक वह एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज की तरफ सफ़ेद गेंद की क्रिकेट में खेले लेकिन गेंदबाजी न कर पाने की वजह से टेस्ट टीम से अपनी जगह गंवानी पड़ी थी।

गांगुली का मानना है कि सफ़ेद गेंद के फॉर्मेट में स्पेशलिस्ट होने के बावजूद हार्दिक टेस्ट क्रिकेट में काफी योगदान दे सकते हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के साथ खास बातचीत में पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने कहा,

टी20 में स्पेशलिस्ट होंगे। हार्दिक पांड्या भी हैं लेकिन मुझे अब भी लगता है कि वह टेस्ट क्रिकेट में भी अहम हैं और उन्हें टेस्ट क्रिकेट में वापसी करनी चाहिए क्योंकि उन्हें इसी के लिए याद किया जाएगा। वह वनडे और टी20 के स्पेशलिस्ट हैं। लेकिन वह बहुत खास क्रिकेटर हैं।

हार्दिक ने WTC फाइनल के लिए टेस्ट टीम में वापसी से किया था इंकार

भारतीय टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है और यह मुकाबला जून में इंग्लैंड के ओवल में खेला जाएगा। इंग्लिश परिस्थितयों में हार्दिक पांड्या ने अच्छा किया और उनके होने से टीम का संतुलन भी सही रहता है। इसी वजह से कई दिग्गजों ने फाइनल के लिए उनकी वापसी की बात कही थी लेकिन हार्दिक ने इंकार कर दिया था।

उन्होंने कहा था कि मैं नैतिक रूप से बहुत मजबूत व्यक्ति हूं। मैंने वहां पहुंचने के लिए 10% काम नहीं किया है। मैं 1% का हिस्सा भी नहीं हूं। इसलिए मेरा वहां आना और किसी की जगह लेना नैतिक रूप से अच्छा नहीं होगा। अगर मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता हूं तो मैं कड़ी मेहनत करूंगा और अपनी जगह बनाऊंगा। इसलिए, इस कारण से मैं WTC फाइनल या भविष्य की टेस्ट सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं रहूंगा जब तक कि मुझे नहीं लगता कि मैंने अपना स्थान अर्जित कर लिया है।

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Edited by Prashant Kumar
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