T20 World Cup: "1985 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जो रवि शास्त्री ने किया था, हार्दिक पांड्या भी वही काम कर सकते हैं" - दिग्गज खिलाड़ी का बड़ा बयान 

England v India - 3rd Royal London Series One Day International
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पूर्व भारतीय खिलाड़ी सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने 2022 टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) में हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) का ट्रम्प कार्ड के रूप समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि 1985 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई वर्ल्ड चैंपियनशिप में रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने जो भारत के लिए किया था, वहीं काम हार्दिक पांड्या भी कर सकते हैं।

इंडिया टुडे से बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा कि हार्दिक पांड्या ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप में अपने ऑलराउंड कौशल और अपनी फील्डिंग के साथ भारत के ट्रम्प हो सकते हैं।

1985 में खेली गई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने सुनील गावस्कर की अगुवाई में वर्ल्ड क्रिकेट को हैरान करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी। उस टूर्नामेंट में रवि शास्त्री ने बल्ले के साथ पांच मैचों में 182 रन बनाये थे, वहीं गेंद के साथ आठ विकेट भी अपने नाम किये थे।

सोमवार को भारत के टी20 वर्ल्ड कप की घोषणा के बाद गावस्कर ने शास्त्री के उस प्रदर्शन को याद किया और उसी तरह का प्रदर्शन करने के लिए हार्दिक का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा,

हां, मुझे लगता है कि वह संभवत: वही कर सकते थे जो रवि शास्त्री ने 1985 में किया था, जहां रवि पूरे टूर्नामेंट में बल्ले और गेंद दोनों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ अच्छे कैच भी। हार्दिक पांड्या ऐसा करने में सक्षम हैं।

दिग्गज बल्लेबाज ने आगे कहा,

मत भूलो, मिड-ऑफ पर, शानदार फील्डिंग से वह कुछ रन आउट भी कर सकते हैं। यह सिर्फ हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी और बल्लेबाजी का पहलू नहीं है, बल्कि फील्डिंग भी एक पहलू है जो गेम को भारत के पक्ष में कर सकता है। मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर वह 1985 के रवि शास्त्री की तरह हैं, अगर वह चैंपियन ऑफ चैंपियंस की तरह हैं।

वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन करते आये हैं हार्दिक पांड्या

हार्दिक पांड्या ने खुद की फिटनेस के लिए 2021 वर्ल्ड कप के बाद ब्रेक लिया था और इसके बाद वह आईपीएल 2022 में वापस लौटे। उन्होंने गुजरात टाइटंस की कप्तानी संभाली और फ्रंट से लीड करते हुए अपनी टीम को ट्रॉफी जिताई। उन्होंने बल्ले के साथ अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाये और जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी करते हुए भी अहम विकेट निकाले।

शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में दोबारा जगह दी गई और कुछ मैचों में उन्हें कप्तानी की भी जिम्मेदारी मिली। हार्दिक का खेल शानदार रहा है और ऑस्ट्रेलिया में उनका ऑलराउंड कौशल टीम के लिए काफी अहम रहेगा।

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Edited by Prashant Kumar
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