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तीन मौके जब अंडरडॉग टीमों ने वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को हराया

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6.75K   //    25 May 2019, 11:26 IST

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इंतजार की घड़ियां लगभग खत्म ही होने वाली हैं और 2019 आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 30 मई से शुरु होने वाला है। टूर्नामेंट इंग्लैंड एंड वेल्स में खेला जाएगा और कुल 10 देश इस बहूमुल्य खिताब को जीतने के लिए अपना दमखम लगाएंगे। इंडिया इस बार मेज़बान इंग्लैंड के साथ वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही है।

दो बार वर्ल्ड कप जीतने और कुछ बार फाइनल तथा सेमीफाइनल का सफर तय करने वाली भारतीय टीम वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी सबसे ज़्यादा सफल टीम है। हालांकि, भारतीय टीम भी वर्ल्ड कप में फेल हुई है। एक नजर डालते हैं उन तीन मौकों पर जब एक अंडरडॉग टीम ने वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को चौंकाने वाली हार दी।

#1 जिम्बाब्वे - 1999 वर्ल्ड कप

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मुकाबले से पहले सचिन तेंदुलकर के पिता की मौत के कारण एक मिनट का मौन रखा गया था और तेंदुलकर ने इस मैच में हिस्सा नहीं लिया था। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और एक समय उन्होंने 87 रनों पर तीन विकेट गंवा दिए थे। एंडी फ्लावर ने अपने भाई ग्रांट फ्लावर के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई और फिर ग्रांट के आउट होने के बाद एंडी ने कप्तान एलेस्टर कैंपबेल के साथ पांचवें विकेट के लिए 60 रनों की साझेदारी की।

भारतीय टीम द्वारा दिए गए 51 अतिरिक्त रनों की बदौलत जिम्बावे ने 252 रनों का स्कोर खड़ा किया। स्लो ओवर रेट के कारण भारत की पारी से चार ओवर घटा दिए गए थे और बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और मोहम्मद अजहरुद्दीन के विकेट काफी जल्दी गंवा दिए थे।

एस रमेश और अजय जड़ेजा ने पांचवे विकेट के लिए 99 रन जोड़े, लेकिन दोनों के आउट हो जाने के कारण भारतीय पारी लड़खड़ा गई। हेनरी ओलंगा ने आखिर में जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद को आउट करके जिम्बावे को तीन रन से मुकाबला जिता दिया।

जिम्बावे: 252/9 (50 ओवर), इंडिया: 249 ऑल आउट (45 ओवर) (क्रिकेट वर्ल्ड कप 1999)

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