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5 ऐसे कप्तान जिन्होंने अपनी बदौलत टीम को फर्श से अर्श तक पहुंचाया

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5.29K   //    24 Oct 2018, 10:23 IST

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किसी भी जंग को जीतने के लिए एक मजबूत, चतुर और बेहतरीन नेतृत्वकर्ता की जरूरत होती है। क्रिकेट के मैदान में भी हाल कुछ ऐसा ही है। एक बेहतरीन कप्तान अपनी काबिलियत और आत्मविश्वास से हारी हुई बाजी को भी अपने पाले में कर सकता है। रिकॉर्ड में इसके कई नमूने मिलते हैं। भारतीय क्रिकेट में भी इसका माकूल उदाहरण है। 1990 के बाद भारतीय क्रिकेट में कई उथल-पुथल हुए। दादा के नाम से मशहूर सौरव गांगुली एक ऐसे कप्तान हुए जिन्होंने टीम को जूझना सिखाया। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी के रूप में भारत को एक नायाब हीरा हाथ लगा। उन्होंने अपनी सूझबूझ से कई मैचों में भारत को जीत दिलाई है। क्रिकेट की दुनिया में तो ऐसा माना जाने लगा था कि धोनी ऐसे कप्तान हैं जो जब चाहे मैच को अपने पाले में ला सकते हैं। इसके बाद विराट भी घरेलू मैदान पर भारत को कई जीत दिला चुके हैं। आज चर्चा कुछ ऐसे ही दुनिया के महान कप्तानों की जिनमें हारे हुए मैच को जीतने का मद्दा था।

#रिकी पोंटिंग

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वर्तामान क्रिकेट का शायद ही कोई ऐस प्रशंसक होगा जो रिकी पोंटिंग के बारे में नहीं जानता होगा। ऑस्ट्रेलिया का एक ऐसा दिग्गज बल्लेबाज जिसके सामने गेंदबाज गेदबाजी से डरते थे। कप्तान के तौर पर भी पोंटिंग इस सूची में सबसे आगे हैं। उन्होंने 1995 से 2012 तक ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी संभाली और इस दौरान अपन जीत के औसत से दुनिया के महान कप्तान की सूची में सबसे पहले नंबर पर विराजमान हो गए। उन्होंने टेस्ट और वनडे मैचों को मिलाकर ऑस्ट्रेलिया को कुल 220 मैचों में जीत दिलाई है। उनकी जीत का औसत 67.90 प्रतिशत था। उनके कप्तान के तौर पर बिताए कार्यकाल को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का गोल्डन पीरियड कहा जाता है।

रिकी पोंटिंग का कप्तान के तौर पर रिकॉर्ड

प्रारूप कप्तानी का समय मैच जीत हार ड्रॉ जीत प्रतिशत

टेस्ट 2004-2010 77 48 16 13 62.33

वनडे 2002-2012 230 165 51 02 76.14

कुल 2002-2012 324 220 77 15 67.90

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ANALYST
संदीप भूषण राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में खेल पत्रकार के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह दैनिक जागरण में भी काम कर चुके हैं। इनके क्रिकेट और हॉकी के साथ ही कबड्डी, फुटबॉल और कुश्ती से जुडे कई लेख राष्ट्रीय अखबारों में छप चुके हैं।
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