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वर्तमान में क्रिकेट जगत के 5 सर्वश्रेष्ठ फिनिशर

MS Dhoni is one of the greatest finishers of all time
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आशीष कुमार

पिछले कुछ वर्षों में, क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई फिनिशर रहे हैं जिन्होंने अपनी टीम को संकट से निकालकर अकेले दम पर जीत दिलाई है।

पाकिस्तान के जावेद मियांदाद संभवतः दुनिया के पहले फ़िनिशर थे जबकि माइकल बेवन, अब्दुल रज्जाक और अरविंदा दा सिल्वा जैसे खिलाड़ियों को इकीसवीं सदी की शुरुआत में फ़िनिशर होने का गौरव प्राप्त है। समय के साथ-साथ गेंदबाज़ों के शस्त्रागार में भी नए हथियार आ गए हैं, इसलिए वर्तमान समय में एक अच्छा फिनिशर होने हर किसी बल्लेबाज़ के बस की बात नहीं है।

ऐसे में वर्तमान समय के पाँच बेहतरीन फ़िनिशरों के बारे में जानना दिलचस्प होगा।

आपको बता दें इस सूची में हमने सिर्फ उन्हीं बल्लेबाज़ों को जगह दी है जो जो वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और इसलिए डीविलियर्स और रसेल जैसे फिनिशर इस सूची से नदारद रहेंगे।

#5 बेन स्टोक्स (इंग्लैंड)

Stokes is a fierce striker of the ball

इंग्लैंड के बेहतरीन ऑल-राउंडर स्टोक्स को पिछले साल एक सख्श के साथ मारपीट करने के आरोप में कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालाँकि, इस घटना के बाद उन्होंने टीम में शानदार वापसी की और फिलहाल वह टीम के साथ विश्व कप की तैयारियों में लगे हैं।

निचले मध्य-क्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड को कई मैच जिताये हैं और इसके अलावा गेंद के साथ भी उनका प्रदर्शन हमेशा लाजबाव रहा है।

अपने बेहतरीन स्ट्रोक-प्ले और दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें दुनिया के बेहतरीन फ़िनिशरों की कतार में ला खड़ा करती है। स्टोक्स ने कई बार अकेले दम पर इंग्लैंड को संकट से निकालकर विजय दिलाई है।

दशकों से विश्व कप जीतने की कवायद में लगी इंग्लिश टीम के लिए स्टोक्स आगामी विश्व कप में बेहद अहम खिलाड़ी होंगे। इस बार चूँकि विश्व कप इंग्लैंड में ही होना है, इसलिए इंग्लैंड के क्रिकेट प्रशंसकों को सबसे ज़्यादा उम्मीदें इस ऑल-राउंडर से ही होंगी।

#4. ग्लेन मैक्सवेल (ऑस्ट्रेलिया)

Maxwell is an enigmatic batsman capable of turning matches on its head

ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर वर्तमान में अपनी टीम के लिए एक फ़िनिशर की बखूबी निभा रहे हैं। अपनी नई भूमिका के तहत, वह सातवें नंबर के एक आदर्श खिलाड़ी बन गए हैं।

निचले मध्य क्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए मैक्सवेल ने कई बार कंगारू टीम को संकट से निकालकर जीत दिलाई है। नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने 32 की औसत और लगभग 120 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं जो उनकी प्रतिभा को दर्शाता है। सबसे खास बात यह है कि बाकी बल्लेबाज़ों की अपेक्षा मैक्सी पहली गेंद से ही प्रहार करना पसंद करते हैं।

इसके अलावा, वह एक उपयोगी स्पिनर भी हैं और मध्य ओवरों में बल्लेबाज़ों पर अंकुश लगाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है। अपने दिन में, मैक्सवेल दुनिया के किसी भी गेंदबाज़ी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकते हैं। इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप में वह ऑस्ट्रेलिया के 'ट्रम्प कार्ड' होंगे।

#3. डेविड मिलर (दक्षिण अफ्रीका)

Miller has dug South Africa out of trouble on several occasions

दक्षिण अफ्रीकी के पास डेविड मिलर जैसा एक ऐसा बल्लेबाज़ है दुनिया के किसी भी मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। दबाव में और अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाज़ों से अलग बनाती है। पीटरमैरिट्सबर्ग में जन्मे इस बल्लेबाज ने 100 से अधिक एकदिवसीय मैच खेले हैं और इनमें 38.61 की औसत और 101.57 की शानदार स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए हैं।

हालांकि मिलर के पास प्रयाप्त अनुभव और कौशल था लेकिन फिर भी वह दक्षिण अफ्रीकी टीम के नियमित खिलाड़ी नहीं थे। लेकिन डीविलियर्स के अचानक रिटायरमेंट लेने के बाद, उन्होंने दोबारा राष्ट्रीय टीम में वापसी की है और अब टीम के नियमित खिलाड़ी हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच में, शानदार 138 रनों की पारी खेलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसलिए, इस सूची में उनको तीसरे पायदान पर रखना किसी के लिए आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए।

#2. एमएस धोनी (भारत)

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विश्व कप 2015 के बाद से एमएस धोनी के बल्लेबाज़ी कौशल में निरंतर गिरावट आई है। जिसकी वजह से उन्हें क्रिकेट प्रशंसकों की आलोचना का शिकार भी होना पड़ा, लेकिन धोनी ने इस आलोचना का जबाव अपने बल्ले से देना उचित समझा।

उसी का एक ताज़ा उदाहरण मिला एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच में, जहां उन्होंने एक बार फिर से दिखाया कि क्यूँ उन्हें दुनिया के बेहतरीन फ़िनिशरों में शुमार किया जाता है।

विश्व क्रिकेट में ऐसे कुछ ही बल्लेबाज़ हैं जो दबाव में भी अपनी टीम को हार के मुँह से निकालकर जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं, धोनी उनमें से एक हैं। 'राँची के राजकुमार' ने अपने करियर में 334 वनडे मैचों में 50.39 शानदार औसत के साथ 10000 से ज़्यादा रन बनाए हैं।

हालाँकि, 37 साल के धोनी से हम पहले जैसी बल्लेबाज़ी की तो उम्मीद नहीं रख सकते लेकिन फिर भी बढ़ती उम्र के बावजूद उनकी फिटनेस और विकेट के पीछे चीते जैसे फुर्ती नए खिलाड़ियों के लिए एक सीखने लायक बात है। इंग्लैंड में होने वाले आगामी विश्व कप में भारतीय प्रशंसकों को उनसे एक बार फिर से भारत को विश्व विजेता बनाने की उम्मीद होगी।

#1. जोस बटलर

Buttler is simply the best finisher at present

इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ जोस बटलर वर्तमान में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाते हैं।

28 वर्षीय विकेटकीपर ने पिछले कुछ सालों से अपने खेल के स्तर को ऊँचा उठाया है। एकदिवसीय मैचों में, बटलर ने 116.97 की शानदार स्ट्राइक रेट और 39.7 की औसत से रन बनाये हैं।

पिछले दो सालों में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इंग्लैंड के लिए कई मैच जिताऊ पारियाँ खेली हैं और निर्विवाद रूप से वर्तमान समय में दुनिया के सबसे अच्छे फिनिशर हैं।

अपनी शानदार बल्लेबाज़ी और विकेट के पीछे ज़बरदस्त प्रदर्शन की वजह से अकसर उनकी तुलना धोनी के साथ होती है। इस बार घरेलू मैदान पर होने वाले विश्व कप के मद्देनज़र बटलर की भूमिका बहुत अहम होने वाली है। कम से कम इंग्लिश क्रिकेट प्रशंसक यह उम्मीद करेंगे कि वह विश्व कप में भी फ़िनिशर की भूमिका शानदार तरीके से निभाएं और इंग्लैंड को पहली बार 50 ओवर क्रिकेट में विश्व विजेता बनाएं।

Edited by Naveen Sharma
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