Create

उमेश यादव ने बताया, किस तरह राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को आउट करने के बाद उनका नाम हुआ

उमेश यादव
उमेश यादव
सावन गुप्ता

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने अपने करियर के शुरुआती दिनों और अपने अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू को लेकर हाल ही में कई बातें बताईं। उमेश यादव ने बताया कि किस तरह से दिलीप ट्रॉफी के मैच में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को आउट करने के बाद उनको लोग जानने लगे।

उमेश यादव ने क्रिकबज्ज के खास कार्यक्रम 'स्पाइसी पिच' में कहा ' जब साउथ जोन के खिलाफ मुझे दिलीप ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला तो मैं काफी उत्साहित था। मुझे पहले ही बता दिया गया था कि मैं खेलने वाला हूं और उसी वजह से मैं काफी खुश था। लेकिन जैसे ही मुझे पता चला की साउथ जोन की तरफ से राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज खेल रहे हैं तो फिर मैंने मन में सोचा कि कहां फंस गया। मुझे नहीं पता था कि उस प्रेशर में मैं इतना अच्छा स्पेल कर दूंगा लेकिन मैंने 5 विकेट चटकाए।'

ये भी पढ़ें: 3 खिलाड़ी जो अपनी आईपीएल टीमों के अगले कप्तान बन सकते हैं

उमेश यादव ने कहा ' जब मैंने साउथ जोन के खिलाफ 5 विकेट चटकाए तो मेरा काफी नाम हो गया। सबको पता था कि साउथ जोन कितनी जबरदस्त टीम थी और उनके खिलाफ मैंने 5 विकेट चटकाए। मैंने राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को आउट किया, उसकी वजह से लोग मुझे जानने लगे कि उमेश यादव नाम का कोई तेज गेंदबाज आया है, इससे मेरा कॉन्फिडेंस और बढ़ गया कि मैं खेल सकता हूूं।'

उमेश ने कहा कि इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बाद मुझे दिनेश कार्तिक का कॉल आया जो उस वक्त दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेल रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा कि दिल्ली की टीम तुम्हें साइन करना चाहती है, मैंने पूछा कि ये सच है क्या। मैं जब घर में दोस्तों के साथ बैठकर आईपीएल देखता था तो जब कोई नया गेंदबाज आत था तो मेरे दोस्त कहते थे कि इससे बढ़िया तू भी डाल सकता है, तू भी आईपीएल खेल सकता है।

ये भी पढ़ें: आईपीएल में जबरदस्त प्रदर्शन करने वाले 4 ऐसे खिलाड़ी जिन्हें अब भुला दिया गया है

उमेश यादव ने अपने अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू के बारे में भी बात की

उमेश यादव से उनके अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू के बारे में पूछा गया कि उस समय उनका रिएक्शन कैसा था तो उन्होंने कहा कि 2010 में मुझे पहली बार जिम्बाब्वे दौरे पर खेलने का मौका मिला। उस दौरे पर सुरेश रैना टीम के कप्तान थे। वहां मुझे पहली बार भारत का टी-शर्ट पहनने का मौका मिला। मैं इतना उत्साहित था कि मैच शुरु होने से पहले ही मैं उस टी-शर्ट को पहनकर देख रहा था कि कैसा दिख रहा हूं। मुझे ऐसी फीलिंग आ रही थी कि एक बार पहन लिया है तो उसे उतारो मत। वो फीलिंग काफी अलग होती है।


Edited by सावन गुप्ता

Comments

Quick Links:

More from Sportskeeda
Fetching more content...