Create
Notifications
Advertisement

World Cup 2019: बल्लेबाज नहीं रिस्ट स्पिनर निभा सकते हैं इस विश्वकप में बड़ी भूमिका

  • लगभग हर टीम के पास रिस्ट स्पिनर है
Naveen Sharma
FEATURED WRITER
फ़ीचर
Modified 31 May 2019, 17:55 IST

Enter caption

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 प्रारूप का आगाज होने के बाद रिस्ट स्पिनर को टीम में लेना जोखिम बताया जा रहा था। ऐसे कयास लगाए गए कि कलाई के स्पिनर को बल्लेबाज आसानी से खेलते हुए काफी रन बटोर लेंगे। 2007 के टी20 विश्वकप में ज्यादा रिस्ट स्पिनर नहीं थे। शेन वॉर्न और अनिल कुंबले के बाद उस स्तर के कलाई के स्पिनर देखने को नहीं मिले। 2015 के वन-डे विश्वकप में शाहिद अफरीदी और इमरान ताहिर ही अपनी-अपनी टीमों के नियमित लेग स्पिनर थे।

इंग्लैंड में खेले जा रहे 2019 वर्ल्ड कप तक आते-आते चीजें तेजी से बदली है। कलाई की स्पिन कला भी पुनः जीवित हो गई है। बल्लेबाजों के लिए कलाई के जादूगर अब सिरदर्द बनने लगे हैं। इस विश्वकप में लगभग हर टीम के पास लेग स्पिन गेंदबाज मौजूद हैं और वे काफी अहम कड़ी भी हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पास एडम जाम्पा, दक्षिण अफ्रीका में इमरान ताहिर, इंग्लैंड में आदिल राशिद, पाकिस्तान में शादाब खान, न्यूजीलैंड में ईश सोढ़ी, भारत के पास युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव, श्रीलंका के पास जीवन मेंडिस और जेफरी वेंडर्से, अफगानिस्तान के पास राशिद खान हैं।

2017 चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद से अब तक सबसे ज्यादा वन-डे विकेट में रिस्ट स्पिनरों का नाम सबसे ऊपर है। कुलदीप यादव इनमें 87 विकेट के साथ सबसे ऊपर हैं और उनके बाद युजवेंद्र चहल का नाम आता है जिन्होंने 66 विकेट चटकाए हैं। राशिद खान और आदिल राशिद ने 62-62 विकेट झटके हैं। इस सूची में तेज गेंदबाज चौथे स्थान पर आते हैं। शुरूआती तीनों स्थान रिस्ट स्पिनरों के नाम हैं।

Enter caption

विश्वकप के लिए टीमों में रिस्ट स्पिनरों को इसलिए शामिल किया है क्योंकि बीच के ओवरों में बल्लेबाज रन बनाने के लिए बड़े शॉट लगाते हैं। इसमें फंसकर वे विकेट गंवा बैठते हैं। इंग्लैंड की मौजूदा स्थिति और पिचें देखते हुए रिस्ट स्पिनर ही कामयाब होते दिख सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो कलाई के स्पिनर इस विश्वकप में सबसे ज्यादा असरदार और हावी हो सकते हैं।

पारंपरिक लेग स्पिन के अलावा बीच में गूगली का इस्तेमाल बल्लेबाजों को परेशान करती है। राशिद खान यह काम बड़ी सफाई से करते हैं। कुलदीप यादव भी इसमें बल्लेबाजों को फंसाने में माहिर हैं। रिस्ट स्पिनर की गेंदों पर ज्यादा रन बनने की धारणा अब बदल गई है। 2015 से लेकर अब तक देखा जाए तो कई टीमों में रिस्ट स्पिनरों ने अपनी स्थायी जगह बनाई है इसलिए इस विश्वकप में वे ऑफ़ स्पिनरों की तुलना में ज्यादा हावी रह सकते हैं।


Hindi Cricket Newsसभी मैच के क्रिकेट स्कोर, लाइव अपडेट, हाइलाइट्स और न्यूज़ स्पोर्ट्सकीड़ा पर पाएं।


Published 31 May 2019, 17:55 IST
Advertisement
Fetching more content...
Get the free App now
❤️ Favorites Edit