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जानिए FIFA 17 और PES 2017 में से कौन है बेहतर

आभास शर्मा

लीग फुटबॉल का बुखार दुनियाभर के दर्शकों पर चढ़ चुका है। इसी के साथ लोगों को इंतजार है कुछ ही दिनों बाद रिलीज होने वाले दो सबसे बड़े फुटबॉल वीडियो गेम्स का, 'फीफा 17' और 'प्रो एवोल्यूशन सॉकर (पीईएस) 2017'। वर्चुअल दुनिया में, ‘पीईएस और फीफा में से कौन बेहतर है’, की ये बहस ठीक उसी तरह से है जैसे मेसी और रोनाल्डो। हालांकि ईए स्पोर्ट्स के फीफा ने कई सालों से फुटबॉल गेमिंग पर अपनी धाक जमा रखी है। लेकिन पिछले कुछ ही सालों में पीईएस ने फीफा को तगड़ी टक्कर दी है। यही नहीं, 2014 और 2015 में पीईएस को विश्व के सबसे अच्छे स्पोर्ट्स गेम होने का अवॉर्ड भी मिल चुका है। दोनों ही गेम्स ने अपने 2016 के संस्करण में बेहतर बदलाव किए थे। लेकिन आने वाले 2017 वर्जन के लिए दोनों ही कंपनियों में तगड़ी होड़ मची है कि कौन कितना बेहतर दर्शकों को गेमिंग एक्सपीरियंस देगा। जब दो बड़े फुटबॉल गेमिंग रिलीज कुछ ही दूर हैं, तो आइए जानते हैं कि फीफा और पीईएस क्या नया लाने वाले हैं आपके लिए। ग्राफिक्स wayne-rooney-fifa-1471438113-800-1473764967-800 फीफा 17 के ग्राफिक्स के बारे में सबसे ज्यादा चर्चाएं हो रही हैं। इसमें इस्तेमाल किया गया फ्रॉस्टबाइट इंजन ग्राफिक्स को बेहतर से बेहतरीन बना चुका है। अब मैच में शानदार लाइटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा प्लेयर्स के चेहरे के हाव-भाव और उनके अनोखे सेलिब्रेशन को भी बेहतर ग्राफिक्स का प्रयोग करके इसमें डाला गया है। पहले के मुकाबले 2017 वर्जन में फीफा में तीन गुना ग्राफिक्स इस्तेमाल किए गए हैं जो गेम के हर एक पल को रियल लुक देंगे। फुटबॉल ग्राउंड, टनल और चेंजिंग रूम को नया रूप दिया गया है। वहीं पीईएस 2017 ने अपने पिछले वर्जन के 'फॉक्स इंजन' को ही इसमें भी इस्तेमाल किया है। हालांकि इस वर्जन में लाइटिंग और एनिमेशन को बेहतर बनाया गया है। लेकिन बाकी के ग्राफिक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गेमप्ले game play फीफा के 2016 संस्करण में यूजर्स ने 'गेमप्ले' यानी मैच खेलने के दौरान काफी दिक्कतें आने की बात कही थी। लोगों ने बताया था कि गेम जरूरत से ज्यादा निराश करता है और नकली भी लगता है। ऐसी ही सब परेशानियों पर ईए स्पोर्ट्स ने 2017 वर्जन में सुधार किया है। अब एक मैच के दौरान होने वाली हर गतिविधी को असल रूप देने की कोशिश की गई है। जैसे फ्री किक और कॉर्नर लेने के लिए प्लेयर के पास नए तरीके होंगे। साथ ही ऐसी पोजिशन में कैमेरा खिलाड़ी के पीछे रहेगा जो खेलने वाले को रिएलिटी का अनुभव कराएगा। साथ ही हर खिलाड़ी का खड़े होने और किक करने का अपना अंदाज, इसे काफी वास्तविक बनाता है। इसके अलावा अब आप बॉल को थ्रो करने के लिए अपने प्लेयर को रन पर लेकर दौड़ा सकते हैं। फीफा के इेस गेम में प्लेयर्स की इंटेलिजेंस पर खास ध्यान दिया गया है, जिसके चलते हर खिलाड़ी दूसरे के गेम के हिसाब से मैच में खेलता दिखेगा। साथ ही दो टीम के खिलाड़ियों के बीच फिजिकल इंटरेक्शन करने पर भी काम किया गया है। इसके अलावा अब ऐसा जरूरी नहीं है कि खिलाड़ी को ऊंची आती हुई हर बॉल को हेडर मारकर ही रोकना होगा। बल्कि इस तरह की बॉल को अन्य तरीकों से कंट्रोल करने का ऑप्शन प्लेयर के पास होगा। इस फीफा में आप एक ही बटन के इस्तेमाल से ड्रिबल भी कर सकते हैं और बॉल की रक्षा भी कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, पीईएस बनाने वाली कंपनी को नामी ने अपने गेमप्ले को 2016 वर्जन में ही काफी सुधार किया था। इसके चलते आने वाले वर्जन में उसने खास बदलाव न करते हुए बस ओवरऑल बदलाव किए हैं। हालांकि 2016 के इसके संस्करण में गोलकीपर्स का परफॉर्मेंस काफी कमजोर था जिसे इस बार सुधारा गया है। अब पीईएस के गोलकीपर लंबी छलांग लगाकर असंभव दिखने वाले सेव भी कर सकेंगे। इसके अलावा पीईएस ने इस गेम में 'एडेप्टिव आर्टिफिशल इंटेलिजेंस' का प्रयोग किया है। इसके चलते खिलाड़ी की प्रतिद्वंद्वी टीम भी उसके खेल के हिसाब से अच्छा या बुरा खेलेगी। इससे खेल में कॉमपिटिशन बेहतर होगा। साथ ही कंपनी ने फुटबॉल गेम की कुछ खास तकनाकों को भी शमिल किया है। कुल मिलाकर 'गेमप्ले' के नजरिए ये पीईएस फीफा के लगभग साथ में खड़ा दिख रहा है। हालांकि माना जा रहा है कि फीफा थोड़ा बेहतर है। गेम मोड game modes फीफा 17 में सबसे नया मोड या फीचर है इसका 'द जर्नी' यानी खिलाड़ी का सफर। इस फीचर के इस्तेमाल से एक खिलाड़ी के खेलने की पोजिशन, उसके गोल, उसकी रेटिंग ये सब जोड़कर उसका गेम में एक सफर बनता जाएगा। अगर खेल लगातार खराब होता गया तो वो खिलाड़ी लीग की निचली रेंक वाली टीम में खिसकता जाएगा। इसके अलावा इसमें खिलाड़ी की मीडिया से बातचीत और मेनेजर से विचार-विमर्श जैसे फीचर भी डाले गए हैं। पीईएस में नए मोड की उम्मीद अभी नहीं की जा सकती। हालांकि इसमें हमेशा की तरह लीग फॉर्मेट होगा। इसमें खिलाड़ियों के एक टीम से दूसरे में ट्रांस्फर, प्लेयर खरीदने को लेकर बजट और ट्रांस्फर की तय तारीख जैसे फीचर मौजूद रहेंगे। हालांकि कंपनी ने UEFA चैंपियंस लीग और यूरोपा लीग के अधिकार फिर से अपने पास ही रखे हैं। इसके चलते इन दोनों टूर्नामेंट का रोमांच तो बना ही रहेगा। ऑनलाइन liscensingh एक जगह जहां फीफा, पीईएस से कहीं बेहतर साबित होता है वो है, ऑनलाइन गेमिंग। ईए स्पोर्ट्स ने जहां इस गेम को ऑनलाइन खेलने के लिए अपने सर्वर को 2015 वर्जन से बेहतर बनाया है, वहीं पीईएस 2016, ऑनलाइन खेलने वालों के लिए सबसे खराब साबित हुआ था। खराब सर्वर के कारण पीईएस का ये वर्जन पूरी तरह लड़खड़ा गया था। हालांकि इस बार कंपनी ने 'myclub' की मदद से कोशिश की है कि खेलने वालों को अपनी पसंद का विपक्षी खिलाड़ी मिल सके। इसके साथ ही नए गेम में टीम एनेलाइजर टूल होगा जो अपके खेल की कमियां और मजबूतियां बताएगा। वहीं फीफा का 'अलटिमेट टीम' फीचर, ऑनलाइन गोमिंग में आगे है। यहां 'प्लेयर कार्ड्स' बेचकर और खरीदकर अपना ड्रीम टीम तैयार की जाती है। ये मोड फीफा के मूल गेम से भी बड़ा है। लायसेंसिंग fifa-17-vs-pes-2017-trailer-640x360-1473764829-800 लाइसेंसिंग के मामले में फीफा सबसे ऊपर है क्योंकि इसके पास दुनिया की हर बड़ी फुटबॉल लीग का लायसेंस मौजूद है। वहीं पीईएस ने फिलहाल बार्सिलोना और आर्सेनल को अपनी सूचि में जोड़ लिया है लेकिन चेल्सी जैसी टीम के न होने के कारण, वो अभी भी गेम में 'लंडन एफसी' नाम इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि 'किट एडिटर' के इस्तेमाल से अब वो अपनी लाइसेंसिंग की समस्या को मिटाने की कोशिश कर रहा है। कोनामी ने लिवरपूल एफसी और बोरुसिया डॉर्टमुंड से भी साझेदारी की है। इसके चलते आपको इसके नए वर्जन में कई नए और नामी स्टेडियम भी देखने को मिलेंगे। गेम के लिए सिस्टम की जरूरतें दोनों की गेम के लिए आपके पीसी में कुछ खास तरह की चीजें जरूरी हैं। इन्हीं सिस्टम रिक्वायरमेंट को आप जरा जान लीजिए। फीफा 17 इसके लिए आपके पीसी में विंडो 7,8.1 या फिर 10 होनी चाहिए वो भी 64 bit में। इसके अलावा आपको इंटेल कोर i3-2100, 3.1GHz के साथ या फिर AMD Phenom II X4 965, 3.4 गीगाहर्ट्ज के साथ चाहिए होगा। आपके पीसी में आठ जीबी रैम के साथ पचास जीबी की हार्डड्राइव होनी ही चाहिए। इसमें दो तरह के वीजीए कार्ड डल सकते हैं, NVIDIA GTX 460 या फिर AMD Radeon R7 260। साथ ही आपको 11.0 का DirectX भी चाहिए होगा। कम से कम, ये फीचर तो इसके लिए जरूरी हैं ही। बाकी, कंपनी की तरफ से इसमें Intel i5-3550K की 3.40GHz या AMD FX 8150 की 3.6GHz की CPU की रिक्वायरमेंट बताई गई है। पीईएस 2017 इसके लिए आपके पीसी में विंडो विस्टा होनी चाहिए वो भी 32-bit में। इसके अलावा आपको Core 2 Duo E4300, 1.8GHz में यो फिर Athlon II X2 240 चाहिए होगा। आपके पीसी में एक जीबी रैम और आठ जीबी की हार्डड्राइव होनी से ये गेम सपोर्ट करेगा। इसमें दो तरह के वीजीए कार्ड डल सकते हैं, GeForce 8800 GS या फिर Radeon X1600 XT। साथ ही आपको इसके लिए 9.0 का DirectX भी चाहिए होगा। कम से कम, ये फीचर तो इसके लिए जरूरी हैं ही। बाकी ऐसा रिकमेंड किया गया है कि जो मिनिमम रिक्वायरमेंट फीफा 17 के लिए है, वही सारी पीईएस 2017 के लिए काम आ सकती हैं। कीमत फिलहाल हम ‘एमेजॉन’ के अनुसार आपको दोनों की कीमतें बता रहे हैं। जहां पीईएस आपको 2500 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये के बीच पड़ेगा। वहीं, फीफा 17 के स्टेंडर्ड एडिशन के लिए आपको लगभग 4000 रुपये देने होंगे और इसके स्पेशल एडिशन की कीमत 6000 रुपये तक जाएगी। रीलीज फीफा 17 उत्तरी अमेरिका में 27 सितंबर को रिलीज होगा और बाकी जगह 29 सितंबर को। वहीं पीईएस 2017 इससे दो हफ्ते पहले नजर आ सकता है।

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ओवरऑल

दोनों ही गेम्स की सारी बातें एक दूसरे के मुकाबले देखने के बाद फीफा, पीईएस से बेहतर ही नजर आ रहा है। फीफा के ग्राफिक्स पर बेहतरीन काम किया है। वहीं, पीईएस ने अपने ग्राफिक्स और गेमप्ले पहले से बेहतर बनाया है। हालांकि, 'जर्नी', 'अल्टिमेट टीम' जैसे अनोखे फाचर्स के साथ फीफा 17 का रिस्पॉन्स ज्यादा अच्छा आ सकता है।

Edited by Staff Editor

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