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AFC CUP 2016 : फाइनल में प्रवेश करके बेंगलुरु एफसी ने रचा इतिहास

ANALYST
Modified 11 Oct 2018, 14:21 IST
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कप्तान सुनील छेत्री (दो गोल) के शानदार प्रदर्शन की बदौलत बेंगलुरु एफसी ने बुधवार को एएफसी कप के सेमीफाइनल में मलेशिया के जोहोर दारुल ताज़ीम क्लब को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया। एशियाई फुटबॉल की सेकंड टियर प्रतियोगिता में बेंगलुरु एफसी ने गत विजेता जोहोर दारुल ताज़ीम को 3-1 से हराया। इस जीत के साथ ही बेंगलुरु एफसी क्लब AFC CUP के फाइनल में पहुंचने वाला भारत का पहला क्लब बन गया है। इससे पहले ईस्ट बंगाल और डेम्पो ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय क्लब बेंगलुरु एफसी का फाइनल में मुकाबला इराक के अल कुवा अल जाविया क्लब से 5 नवंबर को होगा। बता दें कि इराकी क्लब ने मंगलवार को सेमीफाइनल मैच में लेबनान के अल अहद क्लब को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। बेंगलुरु के कंटीरवा स्टेडियम में खेले गए इस अहम मैच में मेजबान टीम की तरफ से सुनील छेत्री ने दो और जुआन एनटोनियो गोंज़ालेज़ फ़र्नांडेज ने एक गोल किया। जोहोर दारुल की तरफ से एकमात्र गोल एस। रहीम ने दागा। एएफसी कप का यह सबसे बड़ा मैच माना जा रहा था, और दोनों टीमों ने उम्दा प्रदर्शन करके इसे सही साबित भी किया। बेंगलुरु और जोहोर ने काफी दमदार खेल दिखाया। दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने मैन टू मैन मार्किंग का खेल दिखाया, जिसकी वजह से दोनों टीमों के स्ट्राइकर्स को खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला। मुकाबले का सबसे पहला गोल जोहोर दारुल ताज़ीम के मोहम्मद शफीक बिन रहीम ने किया और मैच का नक्शा पलटकर रख दिया। मैच के 11वें मिनट में सफी ने हवा में किक मारा, जिसे बेंगलुरु के गोलकीपर अमरिंदर सिंह पकड़ने में नाकाम रहे। वहां मौजूद शफीक ने शानदार हेडर (सिर) जमाकर गेंद जाली के अंदर भेज दी। इससे पहले दोनों टीमें रक्षात्मक फुटबॉल खेल रही थी। दारुल की 1-0 की बढ़त हासिल करने पर स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया था। 0-1 से पिछड़ने के बाद बेंगलुरु ने अपने आक्रमण में इजाफा किया। सुनील छेत्री को हालांकि गोल करके दो कठिन मौके भी मिले, लेकिन वह चूक गए। इस दौरान छेत्री की कई शानदार किक भी देखने को मिली जो गोल पोस्ट के ऊपर से गई। बहरहाल, छेत्री की मेहनत 41वें मिनट में रंग लाई जब उन्होंने लींगडोह द्वारा कॉर्नर किक पर हेडर की बदौलत गोल करके बेंगलुरु को 1-1 से बराबरी दिलाई। इसके बाद दोनों टीमों ने चार मिनट के भीतर विरोधी टीम के गोल पोस्ट में दो-दो बार एंट्री की, लेकिन कोई भी बढ़त लेने में सफल नहीं हुआ। हाफ टाइम तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। हाफ टाइम के चार मिनट बाद छेत्री के पास गोल करने का शानदार मौका आया, लेकिन वह चूक गए। विनीत ने जोहोर के कप्तान को छकाकर गेंद छेत्री को पास दिया, कप्तान ने हवा के किक उड़ाई, लेकिन बॉल गोलपोस्ट से बहुत दूर गई। छेत्री ने 66वें मिनट में बॉक्स के बाहर से चार खिलाड़ियों के ऊपर से शानदार किक जमाया, मलेशियाई क्लब के गोलकीपर बाईं और हवा में उछले, लेकिन छेत्री के किक को रोक नहीं सके। बेंगलुरु ने इस गोल की बदौलत 2-1 की बढ़त बनाई। बेंगलुरु की आक्रामकता 75वें मिनट में और बढ़ गई जब जुआन एनटोनियो गोंज़ालेज़ फ़र्नांडेज ने हेडर जमाकर टीम को 3-1 से आगे कर दिया। भारतीय क्लब ने मलेशियाई क्लब को यहां पर मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया और फाइनल में शाही अंदाज में प्रवेश किया। Published 19 Oct 2016, 20:55 IST
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