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अर्जुन की छाल की चाय के फायदे : Arjun Ki Chhal Ki Chai Ke Fayde

अर्जुन की छाल की चाय (फोटो - sportskeeda hindi)
अर्जुन की छाल की चाय (फोटो - sportskeeda hindi)
Naina Chauhan

आयुर्वेद में कई ऐसी चीजें हैं जो व्यक्ति के शरीर के लिए बहुत लाभकारी होती है। जिसमें अर्जुन का पेड़ भी शामिल है। अर्जुन की छाल भी सेहत (Benefits of Arjun Barks) के लिए लाभकारी है।लोग अक्सर इस छाल का पाउडर बनाकर इस्तेमाल करते हैं। इसके सेवन से व्यक्ति स्ट्रोक और हार्ट से संबंधित कई बीमारियों से बच सकता है। बता दें , अर्जुन के पेड़ में इलेजिक एसिड, बीटा-सिटोस्टिरोल, मोनो कार्बोक्सिलिक एसिड, ट्राईहाइड्रोक्सी ट्राईटरपीन, अर्जुनिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर के कई रोगों को दूर करने में मदद करते हैं। अर्जुन की छाल से हृदय (दिल) रोग, पित्त, क्षय,सर्दी, खांसी, कफ, अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल और बेली फैट जैसी कई बीमारियों (Benefits of Arjun Barks) को दूर करने में सहायक है। जानते हैं अर्जुन की छाल की चाय से क्या लाभ होता है।

अर्जुन की छाल की चाय के फायदे : Arjun Ki Chhal Ki Chai Ke Fayde In Hindi

स्तन कैंसर के लिए - अर्जुन के पेड़ में कसुआरिनिन नामक तत्व पाया जाता है। कसुआरिनिन तत्व के कारण शरीर में कैंसर की कोशिकाएं फैल नहीं पाती हैं। खासतौर पर स्तर कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकने में अर्जुन की छाल काफी फायदेमंद होती हैं।

दिल की बीमारी के लिए - दिल से संबंधित बीमारियों के लिए अर्जुन के पेड़ की छाल से बनी चाय पीना लाभकारी है। जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है या फिर जिन्हें पैदल चलने में सांस फूलने लगती है, उन्हें अर्जुन के पेड़ की छाल की चाय पीना लाभकारी है। साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन को नियंत्रित करती है।

डायबिटिज के लिए - अर्जुन की छाल डायबिटीज के मरीजों के लिए भी असरदार है। इसके सेवन से डायबिटीज कंट्रोल होती है। डायबिटीज के रोगियों को इसका इस्तेमाल करने के लिए आप अर्जुन की छाल के साथ देसी जामुन के बीजों को समान मात्रा में मिलाकर पीस लें और इसका चूर्ण बनाएं। इस चूर्ण को रोजाना रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए। यह डायबिटीज के मरीज के लिए काफी फायदेमंद होता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Naina Chauhan

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