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आलू के रस के फायदे - Aloo Ke Ras Ke Fayde

आलू के रस के फायदे (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
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Vineeta Kumar

सब्जियों में आलू (Potato) सबसे लोकप्रिय होता है, यहा तक कि इसे सब्जियों का राजा भी कहते हैं। बच्चो से लेकर बड़ों तक सभी इस सब्जी को बहुत पसंद करते हैं। आलू का उपयोग कई प्रकार से होता है। स्वास्थ्य और त्वचा दोनों के लिए ही इसके लाभ होते हैं। आलू की तरह आलू के रस के भी अनेक फायदे होते हैं। आलू के जूस के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ देखे गए हैं। आलू के रस का इस्तेमाल कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए या लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है। आलू के रस का इस्तेमाल कई घरेलू नुस्खों में किया जाता है। इस लेख में आलू के रस के फायदे बताए गए हैं, आगे जानकारी के लिए और पढ़िए।

आलू के रस के फायदे - Aloo Ke Ras Ke Fayde In Hindi

1. इम्युनिटी बढ़ाए (Increase immunity)

इम्युनिटी बढ़ाने में आलू का रस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आलू में मौजूद कैरोटेनॉयड्स (Carotenoids) ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर भी कर सकते हैं। साथ ही आलू में विटामिन C समृद्ध मात्रा में मौजूद होता है जिस वजह से आलू जूस का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

2. कब्ज़ (Constipation)

पेट खराब होना,कब्ज़ और अपच की समस्या के लिए कच्चे आलू का जूस पीना लाभ प्रदान कर सकता है। क्रोनिक कब्ज के घरेलू उपचार के तौर पर आहार में आलू शामिल किया जा सकता है। इसके लिए कच्चे आलू से बने जूस और सूप के साथ ही आलू को पकाकर और उबालकर भी खाया जा सकता है।

3. गठिया रोग में (Arthritis)

कच्चे आलू का जूस गठिया के उपचार में भी मदद कर सकता है। इसके लिए खाना खाने से पहले 1 से 2 चम्मच आलू का जूस पीना लाभकारी हो सकता है। ऐसा करने से शरीर में बनने वाला एसिड कम हो सकता है, जिससे कुछ हद तक रूमेटाइड आर्थराइटिस (गठिया का एक प्रकार) से राहत मिल सकती है।

4. शरीर डेटॉक्स करने में मददगार (Helps in detoxification)

आलू के रस का इस्तेमाल डिटॉक्सीफाई यानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए भी किया जा सकता है। आलू मेटाबॉलिक डेटोक्सिफिकेशन की प्रक्रिया को बढ़ा सकता है।

5. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करे (Controls cholesterol)

आलू में फाइबर भी होता है, जो आधा घुलनशील और आधा अघुलनशील होता है। इसका यह गुण कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करके उसे नियंत्रित कर सकता है। इसके साथ ही आलू में मौजूद फ्लेवनॉइड्स हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Vineeta Kumar
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