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तुलसी के औषधीय गुण - Tulsi Ke Aushadhiye Gun

तुलसी के औषधीय गुण (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
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Vineeta Kumar

भारत में तुलसी (Holy Basil) की पूजा की जाती है। तुलसी का पौधा सिर्फ पौधा ही नहीं बल्कि संजीवनी है जो हर घर के आँगन में पाया जाता है। तुलसी की कई प्रजातियां मिलती हैं। जिनमें श्वेत व कृष्ण प्रमुख हैं। इन्हें राम तुलसी और कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है। ऋषि-मुनि भी तुलसी के उपयोग और गुणों का ज्ञान रखते थे और आयुर्वेद में भी तुलसी के फायदों का विस्तृत उल्लेख मिलता है। तुलसी में विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में होते हैं। यह पौधा कई बीमारियों में सहायक है। इसमें शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुण भी मौजूद होते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से तुलसी के औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं।

तुलसी के औषधीय गुण - Tulsi Ke Aushadhiye Gun In Hindi

माइग्रेन की समस्या होने पर (Cures Migraine)

तुलसी का काढ़ा पीने से माइग्रेन और साइनस में आराम मिलता है। अगर आप पुराने सिर दर्द से परेशान हैं, तो रोज़ सुबह और शाम को एक चौथाई चम्मच तुलसी के पत्तों का रस, एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ लेने से 15 दिनों में आपका दर्द पूरी तरह से ठीक हो सकता है।

नेत्र स्वास्थ के लिए उपयोगी (For eye health)

आंखों में रोजाना दो-दो बूंद रस श्यामा तुलसी के पत्तों का 14 दिनों तक डालने से रतौंधी सही होती है। इतना ही नहीं आप आंख की रौशनी बढ़ाने के लिए इसका रस काजल की तरह लगा सकते हैं।

हृदय रोगो के लिए (Good for heart health)

हृदय रोग के लिए तुलसी के दस पत्ते, पांच काली मिर्च और चार बादाम को पीस लें फिर उसे आधा गिलास पानी में एक चम्मच शहद के साथ लेने से आराम मिलता है।

बुखार में (Treats fever)

सभी प्रकार के बुखार को जड़ से खत्म करने के लिए तुलसी कारगर साबित होती है। 20 तुलसी और 10 काली मिर्च मिलाकर बनाए गए काढ़े को पीने से पुराने से पुराना बुखार छू-मंतर हो जाता है। तुलसी की मदद से किसी भी तरह के बुखार को बगैर पैरासिटामॉल और एंटीबायोटिक के उपयोग के भी ठीक किया जा सकता है।

सांप काटने पर (Treats snake bite)

अगर किसी व्यक्ति को सांप काट गया है तो उसे तुरंत तुलसी खिलाने से उसकी जान को बचाया जा सकता है। इसके साथ ही तुलसी की जड़ को मक्खन या घी में घिसकर लेप बनाकर जिस जगह पर सांप ने काटा हो, वहां पर लगा दें।

टीबी रोग के लिए (Good for Tuberculosis)

दमा और टीबी रोग में तुलसी बहुत लाभकारी होती है। दमा और टीबी रोजाना तुलसी का सेवन करने से नहीं होती है। दमा, कफ़ और सर्दी में शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से राहत मिलती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Vineeta Kumar
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