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प्रो कबड्डी 2019: दबंग दिल्ली vs बंगाल वॉरियर्स फाइनल मुकाबला टाई होने पर किस तरह निकलेगा मैच का नतीजा?

  • PKL 7: दिल्ली और बंगाल के बीच होने वाली है खिताबी भिड़ंत
FEATURED WRITER
फ़ीचर
Modified 17 Oct 2019, 14:03 IST

दबंग दिल्ली के पास खिताब जीतने का सुनहरा मौका
दबंग दिल्ली के पास खिताब जीतने का सुनहरा मौका

प्रो कबड्डी लीग के सातवें सीजन का फाइनल मुकाबला 19 अक्टूबर को अहमदाबाद में खेला जाएगा। दबंग दिल्ली और बंगाल वॉरियर्स के बीच होगी खिताबी भिड़ंत। इस सीजन में दोनों ही टीमों के बीच अबतक दो मुकाबले हुए हैं, जिसमें एक मैच में बंगाल ने जीत दर्ज की, तो एक मुकाबला टाई रहा था।

दोनों ही टीमें अंक तालिका में क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रही थी और जिस तरह दोनों टीमों ने सेमीफाइनल मुकाबले में जीत दर्ज की। उसको देखते हुए फाइनल मुकाबला भी काफी रोमांचक होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: प्रो कबड्डी इतिहास में फाइनल में खेलने वाली टीम और मुकाबलों के नतीजों पर एक नजर 

दबंग दिल्ली और बंगाल वॉरियर्स दोनों ही पहली बार फाइनल में पहुंचे हैं, जिसके मतलब साफ है कि इस सीजन में एक बार फिर नया चैंपियन मिलना तय है।

हालांकि दोनों ही टीमों को देखते हुए इस मैच में तीनों ही परिणाम संभव हैं। फैंस अब सोच रहे होंगे कि फाइनल मुकाबला टाई होने की स्थिति में कौन सी टीम खिताब पर कब्जा करेगी और कैसे विजेता का फैसला किया जाएगा?

आपको बता दें कि इस सीजन में नया चैंपियन मिलना तय है। हम आपको बताते हैं कि फाइनल मैच बराबरी पर रहने के बाद किस तरह मैच का परिणाम निकल सकता है:

40 मिनट के खेल के बाद अगर दोनों ही टीमों के स्कोर बराबरी पर रहते हैं, तो 7 मिनट का टाई ब्रेकर होगा जिसमें 3-3 मिनट के दो हाफ होंगे और एक मिनट का ब्रेक होगा, जिसमें टीम अपनी रणनीति तय कर सकती है। टाईब्रेकर में दोनों टीमों को एक-एक रिव्यू मिलता है, तो साथ ही में टीम एक बार सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल कर सकती हैं।

हालांकि 7 मिनट के टाईब्रेकर के बाद भी स्कोर बराबरी पर ही रहते हैं, तो मैच का फैसला गोल्डन रेड के जरिए होगा।


बंगाल वॉरियर्स ने भी किया अभी तक बेहतरीन प्रदर्शन
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गोल्डन रेड के नियम कुछ इस प्रकार हैं:

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1- गोल्डन रेड में वॉल्क लाइन ही बोनस लाइन बन जाती है जिसका मतलब है कि रेडर अगर उस लाइन को क्रॉस कर लेता है, तो टीम को पॉइंट मिल जाएगा। हालांकि रेडर ने डिफेंडर से टच होने के बाद वॉल्क लाइन क्रॉस की, तो उसे बोनस नहीं मिलेगा। .

2- वॉल्क लाइन को क्रॉस करने के बाद रेडर अगर डिफेंडर को टच करके वापस आता है, तो वो पॉइंट भी उसमें जोड़े जाएंगे। इसमें कोई भी रिवाइवल या फिर कोई आउट नहीं होता है। अगर एक टीम के गोल्डन रेड के बाद भी पॉइंट बराबरी पर रहते हैं, तो दूसरी टीम को उनकी गोल्डन रेड करने का मौका मिलेगा। अगर पहले रेडिंग करने गई टीम के खिलाड़ी ने एक पॉइंट भी हासिल कर लिया, तो वो टीम जीत जाएगी।

3- इसके अलावा एक्सट्रा टाइम या उससे पहले किसी खिलाड़ी को सस्पेंड किया जाता है, तो वो खिलाड़ी गोल्डन रेड का हिस्सा नहीं बन पाएगा और उसकी टीम को कम खिलाड़ियों के साथ कोर्ट में उतरना होगा। जिस टीम में जितने खिलाड़ी कम होंगे, उतने ही अंक विपक्षी टीम को मिल जाएंगे। 

4- दोनों टीमों द्वारा एक-एक गोल्डन रेड करने के बाद भी स्कोर बराबरी पर रहता है, तो अंत में मैच का फैसला टॉस के जरिए होगा और जो भी टॉस को जीतेगी उसे विजेता घोषित किया जाएगा।

आपको बता दें कि प्रो कबड्डी सीजन 7 का पहला एलिमिनेटर यूपी योद्धा और बेंगलुरु बुल्स के बीच मुकाबला निर्धारित टाइम के बाद टाई रहा था और बुल्स ने एक्सट्रा टाइम में यूपी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। अब देखा दिलचस्प रहेगा कि क्या फाइनल मुकाबले का परिणाम किस तरह निकलता है।

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Published 17 Oct 2019, 14:02 IST
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