Pro Kabaddi League में Pardeep Narwal को Patna Pirates में शामिल करने और पहली बार ट्रॉफी जीतने को लेकर दिग्गज का अहम खुलासा 

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Pro Kabaddi League में पटना पाइरेट्स में किस तरह शामिल हुए परदीप नरवाल (Photo: PKL)

Pro Kabaddi League: परदीप नरवाल ने जरूर प्रो कबड्डी (Pro Kabaddi League) में अपना डेब्यू सीजन 2 में किया, लेकिन उनका करियर तीसरे सीजन में पटना पाइरेट्स में शामिल होने के बाद बदला, जहां वो बेस्ट रेडर बनने में कामयाब हुए थे। इस बीच मनप्रीत सिंह ने डुबकी किंग को पटना में लाने की दिलचस्प कहानी बताई है।

हरियाणा स्टीलर्स के हेड कोच मनप्रीत सिंह ने हाल ही में स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी को खास इंटरव्यू दिया और यहां उनसे परदीप नरवाल को पटना पाइरेट्स में लाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ किया कि वो ही परदीप को लेकर आए थे। रिकॉर्ड ब्रेकर को लेकर दिग्गज कोच ने कहा,

"कमेंटेटर और मीडिया को यह गलतफहमी है कि परदीप नरवाल को पटना पाइरेट्स में राम मेहर सिंह लेकर आए हैं। Pro Kabaddi League के तीसरे सीजन में कोच संजीव बालियान थे और मैं कप्तान था। राम मेहर सिंह का इतना रोल टीम में था ही नहीं। परदीप नरवाल घर पर थे और वो किसी टीम का हिस्सा नहीं थे। मैं परदीप नरवाल, रोहित कुमार और राकेश को लेकर आया था। उन्होंने टीम के लिए काफी जबरदस्त प्रदर्शन भी किया। परदीप ने पटना के साथ तीन बार ट्रॉफी जीती, लेकिन उनको लाने में अहम योगदान कप्तान का ही था।

मनप्रीत सिंह ने आगे जोड़ते हुए कहा,

"बतौर कप्तान मुझे काफी आजादी मिली थी और टीम मालिक की तरफ से कहा गया था कि टीम में युवा खिलाड़ियों को लेकर आया जाए। मैं उस समय ONGC के लिए खेलता था और भारत में अलग-अलग जगह पर खेलने के लिए जाता था। परदीप नरवाल को मैंने लोकल टूर्नामेंट में खेलते हुए देखा था और वो आउट ही नहीं होते थे। इसी वजह से मैं उन्हें पटना पाइरेट्स में लेकर आया।"

आपको बता दें कि मनप्रीत सिंह जरूर मौजूदा समय में बतौर कोच जबरदस्त काम कर रहे हैं, लेकिन वो पटना पाइरेट्स को पहली बार चैंपियन बनाने वाले कप्तान भी हैं। मनप्रीत ने PKL के तीसरे सीजन में हिस्सा लेने के लिए काफी ज्यादा वजन कम किया और इसे ही उन्होंने अपने करियर का सबसे यादगार पल भी बताया। मनप्रीत ने PKL जीतने को लेकर कहा,

"PKL करियर की मेरी सबसे अच्छी याद सीजन 3 की है, जब मैं पटना पाइरेट्स का हिस्सा बना था और हम चैंपियन बनने में कामयाब हुए थे। इसके अलावा मैंने लीग में हिस्सा लेने के लिए काफी ज्यादा वजन (करीब 47 किलो) कम किया था। इतना वजन कम करके इस मंच पर परफॉर्म करना काफी ज्यादा मुश्किल था। मेरे लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बाद कोचिंग में आया और मैंने एक टीम बनाई, जिसे लेकर फाइनल तक पहुंचने में कामयाब हुआ। अब मेरी कोशिश Pro Kabaddi League के 10वें सीजन के फाइनल में जगह बनाते हुए ट्रॉफी जीतने की है।"

Pro Kabaddi League के 10वें सीजन में Haryana Steelers के प्ले-ऑफ में पहुंचने को लेकर Manpreet Singh ने क्या कहा?

हरियाणा स्टीलर्स की शुरुआत Pro Kabaddi League के 10वें सीजन में कुछ खास नहीं रही थी और पहले ही मैच में टीम को यूपी योद्धाज के खिलाफ करारी शिकस्त मिली थी। हालांकि, इसके बाद टीम ने जोरदार वापसी की और अभी भी वो अंक तालिका में अच्छी स्थिति में हैं। स्टीलर्स ने PKL 10 में 13 में से 7 मैच जीते हैं और 5 मैचों में उन्हें हार मिली है।

वो 39 अंकों के साथ 5वें स्थान पर हैं। उनके पास प्ले-ऑफ में पहुंचने का सुनहरा मौका है। इसके बारे में बात करते हुए मनप्रीत सिंह ने कहा,

"Pro Kabaddi League का सीजन बहुत लंबा होता है और अब हम एकदम बीच में हैं। हमारे 9-10 मुकाबले रह गए हैं और अगर 4 मैच भी जीतते हैं तो क्वालीफाई कर जाएंगे। प्ले-ऑफ में जगह बनाने में हमें ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि, कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए या फिर खिलाड़ी अपने लिए खेलने लगे तो दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता। इस जगह पर आकर कोई भी दबाव में नहीं आता है, दबाव सिर्फ हालात का होता है। डू ऑर डाई रेड है, सुपर टैकल की सिच्यूशेन है या 2 मिनट रह गए हैं और लीड हासिल करनी है। यह ही चीज़ें खिलाड़ी को सीखनी होती हैं और बंगाल के खिलाफ जैसे हम जीते हैं तो उससे खिलाड़ी काफी ज्यादा मोटिवेट होते हैं। इसके अलावा खिलाड़ी की फॉर्म अच्छी नहीं चल रही होती, तो मेरा काम अहम हो जाता और मैं उन्हें अभ्यास कराते हुए मोटिवेट करता हूं।"

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Edited by मयंक मेहता